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ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो कटेगी घर की बिजली? सुप्रीम कोर्ट ने पेंडिंग जुर्माना वसूलने के लिए दिए 6 सुझाव

अगर आप भी गाड़ी का ट्रैफिक चालान भरने में लापरवाही करते हैं, तो अब जेब पर भारी पड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि पेंडिंग चालान की रकम को वाहन मालिक के बिजली बिल में जोड़ दिया जाए. देश भर में 45,000 करोड़ रुपये के बकाया ई-चालान की वसूली के लिए अदालत ने कई सख्त उपाय सुझाए हैं.

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सुप्रीम कोर्ट (Photo-PTI)

सड़क पर गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने और चालान कटने के बाद अगर आप उसे अनदेखा कर देते हैं, तो अब यह लापरवाही बहुत भारी पड़ने वाली है. सुप्रीम कोर्ट ने पेंडिंग ई-चालान की वसूली को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने सुझाव दिया है कि अगर लोग ट्रैफिक चालान जमा नहीं कर रहे हैं, तो जुर्माने की यह रकम उनके बिजली के बिल में जोड़ दी जाए. बिजली कटने के डर से लोग समय पर भुगतान करने को मजबूर होंगे.

जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सिर्फ लाखों की संख्या में ई-चालान काटते रहने से समस्या हल नहीं होगी, असली चुनौती उस जुर्माने को वसूलने की है. अदालत को बताया गया कि देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 45,000 करोड़ रुपये के ई-चालान लंबित हैं. इस पर कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि अधिकारियों को वसूली के लिए जमीनी स्तर पर ठोस और सख्त रास्ते निकालने होंगे.

यह भी पढ़ें : दिल्ली में नए चालान सिस्टम पर लगी रोक, कोर्ट जाने से पहले 50% जुर्माना जमा करने का नियम टला

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सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये अहम सुझाव

  • बिजली बिल से जोड़ें जुर्माना: अगर कोई चालान नहीं भरता, तो रकम बिजली बिल में जोड़ दी जाए ताकि कनेक्शन कटने के डर से लोग पैसा भरें.
  • RC रिन्यूअल पर रोक: जब तक पुराना चालान क्लियर न हो, तब तक गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) रिन्यू न किया जाए और न ही डुप्लीकेट सर्टिफिकेट मिले.
  • फिटनेस और PUC नहीं मिलेगा: बकाया चालान वाले वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन (PUC) सर्टिफिकेट जारी करने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.
  • गाड़ी ब्लैकलिस्ट और ट्रांसफर बंद: ऐसे वाहनों को ‘परिवहन पोर्टल’ पर तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए और गाड़ी के मालिकाना हक का ट्रांसफर रोक दिया जाए.
  • ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड: चालान न भरने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्यूअल रोका जाए और पहले से जारी लाइसेंस सस्पेंड करने के कदम उठाए जाएं.
  • रैंडम चेकिंग और जब्ती: सड़कों पर गाड़ियों की औचक जांच की जाए और लंबे समय से पेंडिंग ई-चालान मिलने पर सीधे वाहन जब्त किया जाए.

दिल्ली में 25 अक्टूबर को लगेगी लोक अदालत, पेंडिंग चालान होंगे सेटल

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक लोक अदालत 25 अक्टूबर को दिल्ली के अलग-अलग कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जाएगी. 30 जून 2026 तक के लंबित चालान इस प्रक्रिया में लिए जा सकते हैं. ई-कोप्ट पोर्टल पर ट्रांसफर हो चुके मामलों को भी सेटल करने का मौका मिल सकता है. रेड लाइट जंप करना, नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट और बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने जैसे मामलों के चालान इसमें शामिल हो सकते हैं. लोक अदालत में जाने से पहले चालान की स्लिप लेना जरूरी होगा. दी गई जानकारी के अनुसार 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए स्लिप डाउनलोड की जा सकेगी.

यह भी पढ़ें : एक दिन में कितनी बार कट सकता है ट्रैफिक चालान, क्या एक बार Challan कटा तो दोबारा नहीं कटेगा? जान लें नियम

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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