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'ये लोकतंत्र की जीत है…', सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP और देश के युवाओं को दी बधाई

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने CJP और देश के युवाओं को बधाई दी. वांगचुक ने मेदांता अस्पताल से अपनी तस्वीर शेयर करते हुए पोस्ट करते हुए कहा- “ये लोकतंत्र की जीत है, सड़कों से सीधे लोकतंत्र की जीत है.

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Credit: News24

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने खुशी ज़ाहिर की. वांगचुक ने मेदांता अस्पताल से अपनी तस्वीर शेयर करते हुए पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने विक्ट्री का साइन बनाया था. उन्होंने कहा- “ये लोकतंत्र की जीत है, सड़कों से सीधे लोकतंत्र की जीत है. ये शांति, सब्र और लगन की जीत है.” वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी और देश के युवाओं को बधाई दी और कहा उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्याग कर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई. उन्होंने आखिरी में लिखा- ”जवाबदेही से अब सुधार की ओर.”

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लंबे समय तक की भूख हड़ताल

दरअसल, नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके समेत कई लोग आमरण अनशन पर बैठे थे. उनकी मांग थी कि धर्मेंद्र प्रदान अपना इस्तीफा दें, नीट पेपर लीक की वजह से जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवार वालों को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिले और दोषियों को कड़ी सज़ा मिले. 28 जून से 23 जुलाई तक सोनम वांगचुक अनशन पर रहे, लेकिन 27वें दिन गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्होंने भूख हड़ताल खत्म की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने देर रात करीब 12.30 बजे अस्पताल जाकर जूस पिलाकर सोनम का अनशन खत्म कराया. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की.

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क्यों तोड़ा अनशन?

डॉक्टर्स भी सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर परेशान थे. वो लगातार उनसे अनशन तोड़ने के लिए कह रहे थे, लेकिन वांगचुक अपनी बात पर अड़े थे. सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने के बाद कहा कि देशभर के कई राजनीतिक दलों के 60 से ज्यादा सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की गुजारिश की थी. देश की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी उनसे अनशन तोड़ने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की थी. इस बीच केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत हुई और केंद्र सरकार ने उनकी शर्तें मानकर लिखित आश्वासन दिया. साथ ही CJP के विरोध प्रदर्शन में हिंसा होने की आशंका के मद्देनजर वांगचुक ने अनशन तोड़ने का फैसला किया.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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