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एसिड अटैक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, क्या अब जब्त होगी दोषियों की सारी संपत्ति?

सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराधों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. कोर्ट का मानना है कि अपराधी की संपत्ति से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पीड़ित को मुआवजा देने के लिए किया जाना चाहिए. पढ़िये प्रभाकर मिश्रा की रिपोर्ट.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अगर कोई व्यक्ति एसिड अटैक का दोषी पाया जाता है, तो क्यों न उसकी सारी अचल संपत्ति जब्त कर ली जाए ताकि उससे पीड़ित को मुआवजा दिया जा सके. चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इस तरह के मामलों में कुछ सख्त दंडात्मक कदम उठाने की जरूरत है. जब तक कार्रवाई इतनी सख्त नहीं होगी, तब तक इसका डर अपराधियों में नहीं होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से पेंडिंग केस की जानकारी मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने यहां एसिड अटैक के पेंडिंग केस की जानकारी मांगी है. राज्यों को बताना है कि साल-दर-साल उनके यहां कितनी एसिड अटैक की घटनाएं हुईं. इनमे से कितने मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई , कितने में नहीं. अभी तक कितने मामलों का फैसला हो चुका है. कितने मामले अभी ट्रायल के स्तर पर लंबित हैं.

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कोर्ट ने राज्यों से हर एसिड अटैक पीड़ित के बारे में जानकारी मांगी है. राज्यों को हर पीड़ित की शैक्षणिक योग्यता, उनकी वर्तमान रोजगार/नौकरी की स्थिति, वैवाहिक स्थिति, मेडिकल इलाज की स्थिति, इलाज पर राज्य सरकार की ओर से होने वाला खर्च या आगे किया जाने वाला खर्च की जानकारी देनी है. कोर्ट ने उन पीड़ितों की अलग से जानकारी देने को कहा है, जिन्हें जबरदस्ती तेजाब पिलाया गया. सुप्रीम कोर्ट ने सारी जानकारी 4 हफ्तों में देने को कहा है.


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