Tamil Nadu Spurious Liquor Case: तमिलनाडु में दो अलग-अलग शहरों में नकली शराब पीने के मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को 2 और लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने सोमवार को कहा कि विल्लुपुरम जिले के मरक्कानम में शनिवार को जबकि चेंगलपट्टू में रविवार को जहरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया था। जहरीली शराब पीने के बाद 20 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धीरे-धीरे मृतकों की संख्या बढ़कर अब 18 तक पहुंच गई है। मृतकों की पहचान शंकर, सुरेश, धरनिवेल, राजामूर्ति, विजयन, मन्नकट्टी, मलारविजली, अभिराम, केशव वेलू, शंकर, विजयन, राजा वेलू और सरथ कुमार व अन्य के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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दोनों शहरों की घटनाओं का आपस में कोई कनेक्शन नहीं

पुलिस के मुताबिक, तमिलनाडु के उत्तरी क्षेत्र में जहरीली शराब से मौत की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं, लेकिन इन दोनों घटनाओं के बीच संबंध का कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में अमरन नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और उसके कब्जे से जब्त जहरीली शराब में मेथेनॉल की मौजूदगी का पता लगाने के लिए उसे लैब भेजा गया है। रविवार को मुख्यमंत्री स्टालिन ने मृतकों के परिवारों में से प्रत्येक को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की और अस्पताल में भर्ती लोगों को 50,000 रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस घटना में अस्पताल में भर्ती लोगों को विशेष उपचार देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
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विपक्ष का आरोप- स्टालिन सरकार ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की

अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नकली शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। डीएमके के सदस्य खुद नकली शराब बेच रहे हैं। सीएम एमके स्टालिन को हाल ही में हुई जहरीली शराब से हुई मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए।
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