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ममता सरकार को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने दिया कर्मचारियों को 25% बकाया DA देने का आदेश

Darness Allowance News: पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को बकाया महंगाई भत्ता देने का आदेश दिया है. कर्मचारियों का महंगाई भत्ता साल 2009 से बकाया है और सरकार आर्थिक तंग का हवाला देकर इस देने से बच रही है.

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Dearness Allowance News: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सरकार को कर्मचारियों का बकाया 25% महंगाई भत्ता (DA) देने का आदेश दिया है. जस्टिस संजय करोल और पीके मिश्रा की बेंच ने कहा कि कर्मचारियों को उनका महंगाई भत्ता (DA) देना सरकार का वैधानिक अधिकार है. इसलिए ममता सरकार की आर्थिक तंगी वाली दलीलों को खारिज किया जाता है.

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निगरानी के लिए गठित की गई एक कमेटी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2009 से 2019 तक का बकाया DA जारी करने का आदेश दिया है. वहीं पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक स्पेशल कमेटी गठित की है, जिसे आदेश दिया गया है कि वह महंगाई भत्ते के भुगतान की प्रक्रिया की निगरानी करे और रिपोर्ट बेंच को सौंपे. कमेटी में हाई कोर्ट के 2 रिटायर्ड चीफ जस्टिस और कैग (CAG) के वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे. कमेटी अध्यक्ष और सदस्यों को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश है.

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ममता सरकार के तर्क को बताया कल्पना

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई भत्ता देने का आदेश ममता सरकार की उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया गया है, जो सरकार ने मामले में दर्ज की थीं और केस हार गई थीं. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार के उस तर्क को ‘कल्पना’ बताया, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार राज्य सरकार पर अपन शक्तियों को थोपने का प्रयास करती है. बेंच ने कहा कि अधिकार मिला है तो वित्तीय हालत रास्ते में नहीं आ सकती.

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सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछे 13 सवाल

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने फैसला सुनाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि 12 महीने में 2 बार महंगाई भत्ता नहीं दिया जा सकता. बेंच ने मामले में अनुच्छेद 309 की शक्तियों और ROPA नियमों के तहत 13 सवाल पूछे. बेंच ने यह भी माना कि महंगाई भत्ता स्थिर नहीं गतिशील चीज है और इसमें बदलाव होते रहना चाहिए. राज्य सरकार अगर अपनी मर्जी से DA के नियमों में बदलाव करेगी तो यह ‘मनमानी’ और ‘सनकी’ कहलाएगा. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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