हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

'बदले हुए फॉर्म 6 को मंजूरी हमने नहीं दी, किसने दिया आदेश?', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने नए वोटर्स के लिए भरे जाने वाले फॉर्म 6 में हुए मोडिफिकेशन को लेकर चुनाव आयोग से सख्त सवाल किए हैं. अदालत ने पूछा है कि फॉर्म में एडिशनल डिक्लेरेशन जोड़ने का आदेश आखिर किसने दिया था.

विज्ञापन
फॉर्म-6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी (Photo-PTI/ECINET)

Supreme Court On Form 6 Modification: सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि उसने ‘फॉर्म 6 के किसी भी बदले हुए वर्जन को मंजूरी नहीं दी है’. फॉर्म 6 वो कानूनी दस्तावेज है जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए किया जाता है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत ने कहा कि कोर्ट सरकारी रिकॉर्ड की जांच करेगा ताकि ये पता लगाया जा सके कि बदलावों को किसने मंजूरी दी या लागू किया. ये क्लेरिफिकेशन चुनाव आयोग की एसआईआर एक्सरसाइज और इस प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 6 से जुड़ी एक एडिशनल डिक्लेरेशन को लेकर चल रहे बड़े विवाद के बीच आया है.

फॉर्म 6 में बदलावों को लेकर मांगे रिकॉर्ड

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट ने बदले हुए फॉर्म 6 को मंजूरी नहीं दी है. बेंच ने संकेत दिया कि वो ये तय करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है कि बदलाव कैसे लागू किए गए. ये मुद्दा तब अहम हो गया जब चुनाव आयोग ने पहले कहा था कि SIR प्रक्रिया के सिलसिले में फॉर्म 6 के साथ जोड़े गए एडिशनल डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था. विवाद इस बात पर है कि क्या चुनाव आयोग नियमों में औपचारिक बदलाव किए बिना किसी कानूनी फॉर्म में अतिरिक्त जरूरतें जोड़ सकता है.

यह भी पढ़ें-‘कानून के अनुसार करें काम’, CEC ज्ञानेश को हटाने की मांग सुप्रीम कोर्ट में खारिज, चुनाव आयोग को नोटिस जारी

विज्ञापन

फॉर्म 6 का विवाद क्या है?

नए वोटर आवेदनों के लिए SIR प्रक्रिया के दौरान एडिशनल डिक्लेरेशन शुरू की गई थी. इस जरूरत के तहत आवेदकों से ऐसी जानकारी मांगी गई थी जो उन्हें या उनके माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी को पिछली वोटर लिस्ट से जोड़ती हो. चुनाव आयोग ने उन राज्यों में फॉर्म 6 से SIR से जुड़ी घोषणा हटा दी है जहां रिविजन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. उसने ये भी कहा है कि SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं के बाहर सामान्य कानूनी फॉर्म 6 लागू रहेगा.

यह भी पढ़ें- 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, शिफ्ट करने को लेकर जताई चिंता

विज्ञापन

SIR के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

27 मई 2026 के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को माना और उसे दस्तावेजों की जरूरतों को तय करने में कुछ छूट दी. हालांकि अदालत ने यह भी साफ किया कि ऐसा अधिकार असीमित नहीं था और कानूनी ढांचे से किसी भी तरह के अलग कदम का रिविजन प्रॉसेस के मकसद से रैशनल कनेक्शन होना चाहिए. इसलिए मौजूदा विवाद इस बात पर फोकस्ड है कि क्या एडिशनल डिक्लेरेशन उन लिमिट्स के भीतर थे.

यह भी पढ़ें- ‘रात 10 बजे भी महिला को सुरक्षित…’, रेप के बढ़ते मामलों पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली पुलिस को दिया सख्त निर्देश

विज्ञापन

CEC के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश देने से भी इनकार कर दिया. उन पर आरोप था कि कुछ फैसले दूसरे चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे. बेंच ने कहा कि इस तरह की राहत पर विचार करने से पहले वो संबंधित अधिकारियों से जवाब का इंतजार करेगी.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola