कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का बड़ा बयान सामने आया है. शुक्रवार को उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अदालत में दिए गए उनके बयान को "गलत तरीके से पेश" किया गया है. CJI सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया कि देश की सर्वोच्च अदालत न्याय की उम्मीद रखने वाले हर नागरिक के लिए हमेशा तत्पर है. UNCITRAL के सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट न्याय चाहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए 24x7 खुला रहता है. हमारी अदालत ने आज तक विधिवत रूप से दायर किए गए किसी भी मामले की सुनवाई से कभी इनकार नहीं किया है."

---विज्ञापन---

‘हमारा समय बर्बाद मत करो…’, CJP मार्च में पुलिस एक्शन के खिलाफ याचिका पर SC की बड़ी टिप्पणी; दखल देने से इनकार

---विज्ञापन---

CJI ने आगे बताया कि मीडिया में उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर और गलत संदर्भ में पेश किया गया. उन्होंने साफ किया कि मामले की प्रकृति चाहे जो भी हो, नियम और प्रक्रिया के तहत कोर्ट में दाखिल की गई हर एक याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय पूरी गंभीरता से सुनवाई करता है.

---विज्ञापन---

किस बात पर शुरू हुआ था विवाद?

यह पूरा विवाद बुधवार को हुई एक सुनवाई के बाद शुरू हुआ था. प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर एक अर्जी पर तुरंत सुनवाई की मांग की गई थी. उस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कथित पुलिस बर्बरता के वीडियो का हवाला देते हुए कोर्ट से दखल देने की अपील की थी. इस पर CJI की टिप्पणी आई थी कि कोर्ट के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और सिर्फ एक पत्र भेज देने भर से तुरंत सुनवाई नहीं हो सकती.
इस बयान के बाद सोशल मीडिया और मीडिया हलकों में बहस छिड़ गई थी. कई छात्र संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई थी.

---विज्ञापन---

'अदालत खुली है, लेकिन नियम-कायदों का पालन जरूरी'

शुक्रवार को अपनी बात स्पष्ट करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना अनिवार्य है. उन्होंने कहा, "अगर आप सिर्फ एक चिट्ठी भेजकर यह उम्मीद करेंगे कि तुरंत सुनवाई शुरू हो जाए, तो ऐसा संभव नहीं है. मामलों को तय कानूनी प्रक्रिया के तहत ही सूचीबद्ध और सुना जाता है."CJI ने बताया कि शुक्रवार को जो याचिकाएं मेंशन की गई थीं, उन्हें आने वाले सोमवार के लिए पहले ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया है. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या विरोध प्रदर्शनों का तेज होना उनके पुराने बयानों का नतीजा है, तो उन्होंने 'नो कमेंट्स' कहकर इस पर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया.

---विज्ञापन---