हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

मैटरनिटी लीव पर SC का बड़ा फैसला, बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी है छुट्टी लेने का अधिकार

Supreme Court Maternity Leave: सुप्रीम कोर्ट ने मैटरनिटी लीव को लेकर बड़ा फैसला किया है। एक याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गोद लेने वाली माताओं को बड़ी राहत दी है।

विज्ञापन
Supreme Court

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने आज मैटरनिटी लीव को लेकर ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी पूर्ण मातृत्व अवकाश यानी 12 सप्ताह की मैटरनिटी लीव का अधिकार है, चाहे गोद लिए गए बच्चे की उम्र 3 महीने से ज्यादा की क्यों न हो। मैटरनिटी लीव देने से इनकार करना समानता के अधिकार का उल्लंघन करना है और यह मातृत्व को लेकर मानवाधिकार है।

कोरोना वैक्सीन पर SC का बड़ा फैसला, साइड इफेक्ट को लेकर मुआवजा पॉलिसी बनाने का केंद्र सरकार को आदेश

2020 के कानून की धारा को असंवैधानिक घोषित

जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस महादेवन की बेंच ने फैसला सुनाया और सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 60(4) को असंवैधानिक घोषित किया, जो गोद लेने वाली मां को 3 महीने से कम उम्र के बच्चे के मामले में ही मातृत्व लाभ देने का प्रावधान करती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 3 महीने से अधिक उम्र के बच्चे को अपनाने वाली महिला की मातृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियां 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को अपनाने वाली महिला की जिम्मेदारियों जैसी ही हैं।

विज्ञापन

पितृत्व अवकाश पर नीति बनाने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में केंद्र सरकार से पितृत्व अवकाश को सामाजिक सुरक्षा लाभ के रूप में मान्यता देने वाला कानून लाने का भी आग्रह किया है, यानी सुप्रीम कोर्ट ने पितृत्व अवकाश पर भी नीति बनाने का निर्देश दिया है। बेंच का मानना है कि बच्चा गोद लेने वाली मां को भी बायोलॉजिकल मां को मिलने वाले अधिकार के बराबर अधिकार ही मिलने चाहिए। मां का मैटरनिटी लीव का अधिकार और बच्चे की देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती।

‘झूठी शिकायतें करने वाले को सजा होगी’, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र-राज्य सरकारों और मानवाधिकार आयोग को नोटिस

विज्ञापन

3 महीने की उम्र सीमा हटाने की वजह बताई

सुप्रीम कोर्ट ने मैटरनिटी लीव के लिए 3 महीने की उम्र सीमा को हटाने का आदेश दिया और स्पष्ट किया हि यह लिमिट मां और बच्चे के साथ भेदभाव करती है। जबकि 3 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चे को अगर महिला गोद लेती है तो उसके साथ इमोशनल कनेक्शन बनाने के लिए समय चाहिए होता है। बच्चे की देखभाल करने के लिए भी समय की जरूरत होती है। मां तो मां होती है, चाहे उसने बच्चा पैदा किया है या गोद लिया है, दोनों मां बराबर हैं।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola