कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. पुलिस ने उन्हें हिरासत में उस वक्त लिया, जब वे जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें दिनभर हिरासत में रखा और फिर एहतियातन गिरफ्तार कर लिया. पुलिस तीनों को आज कोर्ट में पेश करेगी.
सीजेपी के इन नेताओं को पिछली बार 50 हजार का बांड भरवाकर छोड़ा गया था. इसके साथ ही कहा गया था कि एक साल के लिए शांति भंग के केस में न पकड़े जाए. इस बार ट्रेसपासिंग और ब्रेकिंग ऑफ बॉन्ड का आरोप है. इसे रिपीट ऑफेंडर के तौर पर देखा जाएगा.
कॉकरोच जनता पार्टी ने इसको लेकर दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है. सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ’16 घंटे बीत चुके हैं और समय बढ़ता जा रहा है. दिल्ली पुलिस तिरंगे से इतनी नफरत क्यों करती है? आशुतोष, सौरव, अजिंक्य और CJP के बाकी सभी सदस्यों को इस गैर-कानूनी अपहरण से तुरंत रिहा करें!’
मंगलवार शाम को इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि ये नेता कड़ी सुरक्षा वाले स्थल में घुसे थे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की थी. उन्होंने बताया कि यह मामला जंतर-मंतर में कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश के संबंध में दर्ज किया गया है, जिसे हाल में विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया गया है.
निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर कथित तौर पर क्षेत्र में प्रवेश करने और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद दास, रांका और अजिंक्य शिंदे सहित उसके लगभग 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाना ले जाया गया. सीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं के वहां एकत्र होने के बाद थाने और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई.