रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मॉनिटरिंग में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) पर गठित अंतर-मंत्रालयी समूह (IGoM) की छठी बैठक दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में हुई. बैठक में वर्तमान संघर्ष की उभरती स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई और भारत की तैयारियों तथा वैश्विक घटनाओं के देश पर संभावित प्रभाव का आकलन किया गया. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा कई प्रमुख केंद्रीय मंत्री शामिल हुए.

इनमें रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, श्रम एवं रोजगार, युवा मामले तथा खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल थे.

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आईजीओएम ने देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती एवं लचीलापन का जायजा लिया. बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, उर्वरकों, दवाओं और अन्य जरूरी सामग्रियों की पर्याप्त स्टॉक स्थिति की समीक्षा की गई.
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सामान्य है.

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उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें. सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. बैठक में शामिल मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी दूरदर्शी दृष्टि और कठिन समय में सशक्त नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वैश्विक संकट के बावजूद भारत में आम लोगों पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़ा है.

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