Cabin crew members of Tata owned Air India Express alleged : टाटा के स्वामित्व(ownership) वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस(एईएक्स) के वरिष्ठ केबिन क्रू सदस्यों ने कंपनी द्वारा आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर चिंता व्यक्त की है, साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। वरिष्ठ कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें मानसिक उत्पीड़न और अनुबंध(Contract) में अचानक कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे एयरलाइन के मैनेजमेंट के काम करने के तरीके पर संदेह पैदा हो रहा है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को भेजा पत्र
एईएक्स कर्मचारी संघ द्वारा नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भेजे गए पत्र में कहा गया है प्रबंधन द्वारा जारी लेटेस्ट एम्प्लॉयी लेटर के अनुसार, केबिन क्रू सदस्यों को किसी भी ट्रेड यूनियन गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं है।
इसमें कहा गया कि यह निर्णय बीएमएस के तहत पंजीकृत एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी संघ के नाम पर एकता को तोड़ने और संघ के काम को रोकने के लिए किया गया है।
कई अन्य आरोप भी शामिल
पत्र में आगे दावा किया गया है कि अंजलि चटर्जी के नेतृत्व वाली एचआर टीम द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय के अनुसार, चार केबिन क्रू सदस्यों के अनुबंध को बिना किसी कारण के रिन्यूअल के लिए रिकमेंडिड नहीं किया गया था। यूनियन ने दावा किया कि प्रबंधन द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों को पूरा करने के बाद भी अनुबंध रिन्यूअल के लिए मूल्यांकन कार्यक्रम आयोजित करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। पत्र में कंपनी की मूल्यांकन टीम द्वारा उत्पीड़न और यातना का भी आरोप लगाया गया। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन के भीतर कुछ अनैतिक प्रथाएं(unethical practices) देखी गई हैं, जिसमें अनुबंध रिन्यूअल के लिए बीएमआई कैलकुलेशन को प्रभावित करने के लिए ऊंचाई माप में हेरफेर भी शामिल है।