भारत के तटीय इलाकों में इस समय चक्रवात तूफान का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते कई राज्यों में लोगों की सुरक्षा को लेकर तेजी से तैयारियां चल रही है. बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात तूफान अर्नब तेजी से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. दोनों राज्यों के 400 किलोमीटर के एरिया में अलर्ट जारी कर दिया गया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान अर्नब विशाखापट्टनम से बापटला की तरफ आ रहा है. इस तूफान के कारण लगभग 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, इतना ही नहीं, इसका असर यूपी-एमपी, छत्तीसगढ़ तक भी दिखने की उम्मीद है. इस तूफान के चलते कई राज्यों में 28-29 स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे.
किन राज्यों में दिखेगा चक्रवाती तूफान अर्नब का असर
जानकारी के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब का असर दिखने लगा है. विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, विजयनगरम आदि कई शहरों में आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हो रही है. वहीं आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट है और इन राज्यों में मौसम पहले की तुलना में काफी ठंडा भी हो गया है. बताया जा रहा है कि, तूफान आंध्र और ओडिशा के तटों से कल दोपहर तक टकराएगा, जिसे लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है. इस तूफान का असर स्कूलों के साथ-साथ ट्रेनों पर भी पड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार, तूफान के खतरे को देखते हुए रेल बोर्ड ने 27 और 28 अक्टूबर को लगभग 53 ट्रेनों को रद्द कर दी है.
किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज?
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर, अंडमान और निकोबार प्रशासन ने सभी स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखने का आदेश दिया है और लोगों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की है.
ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर सोमवार को छह जिलों- गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में सभी शैक्षणिक संस्थानों को 28-29 बंद करने की घोषणा की और कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया गया. सरकार ने दक्षिणी ओडिशा के संवेदनशील छह जिलों में अपने कर्मचारियों और मशीनरी को पहले ही तैनात कर दिया है.
तूफान के चलते आंध्र प्रदेश में भी दो दिनों के लिए 27-28 अक्तूबर 2026 स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे हैं. हालांकि, स्थिति को देखते हुए छुट्टी बढ़ाई भी जा सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देश देखते रहें.
इसके अलावा, अगर आप भी इन राज्यों में रहते हैं या फिर आपके इलाके में भी तूफान का असर दिख रहा है, तो स्थानीय प्रशासन या फिर शिक्षा संस्थान द्वारा से संपर्क कर छुट्टी की जानकारी हासिल करें.
मछुआरों को भी तट से दूर रहने की सलाह
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में मछुआरों को तूफान के चलते समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. इसके साथ ही पहाड़ियों, झरनों और बांधों पर पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सलाह दी गई है कि आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अगर आप तटीय इलाकों में रहते हैं, तो स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें और जरूरी सावधानी बरतें.
सुरक्षा बालों की तैनाती
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और पुलिस के कर्मियों वाली बचाव टीमों को संवेदनशील इलाकों में पहले से तैनात कर दिया गया है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों में भी बचाव कार्य के लिए बल की तैनाती कर दी गई है.