बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'अर्नब' मचाएगा तबाही? 140KMPH से चलेंगी हवाएं, 5 राज्यों में अलर्ट और 53 ट्रेनें रद्द
बंगाल की खाड़ी की तरफ से आने वाले चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में दहशत का माहौल है, हालांकि प्रशासन की तरफ से सभी तैयारियां जोरों पर है, ताकि जान और माल का कम से कम नुकसान हो सके.
Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘अर्नब’ और ज्यादा ताकतवर हो गया है और आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ रहा है. इसे देखते हुए प्रशासन ने इमरजेंसी तैयारियों को तेज कर दिया है. इस तूफान के 28 अक्टूबर को तट से टकराने की संभावना है, जिससे भारी बारिश हो सकती है और हवा की गति 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी को अलर्ट पर रखा गया है.
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गंभीर चक्रवाती तूफान की आशंका
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, ‘अर्नब’ एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है और आगे चलकर यह ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ का रूप ले सकता है. सोमवार शाम के अपने बुलेटिन में, मौसम विभाग ने बताया कि ये तूफान तेज रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है.
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Andhra Pradesh | Cyclone Arnab intensifies into a severe cyclonic storm over the west-central Bay of Bengal. It is centred approximately 300 km from Visakhapatnam. Widespread rainfall is expected across Andhra Pradesh today and tomorrow: Prakhar Jain, Managing Director of the…
ये तूफान विशाखापत्तनम से लगभग 490 किमी, काकीनाडा से 560 किमी और बापटला से 730 किमी दूर है. अनुमान है कि ये बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के पास आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करेगा. इस दौरान हवा की गति 115–125 किमी प्रति घंटे हो सकती है, और झोंकों के साथ यह 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
53 ट्रेनें रद्द की गईं
इस चक्रवात के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं और 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. कैंसिल की गई इन ट्रेनों में विजयवाड़ा, राजमुंदरी, विशाखापत्तनम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और आंध्र प्रदेश के दूसरे अहम स्टेशंस को जोड़ने वाले कई रूट्स शामिल हैं. केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में ‘राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति’ की बैठक के जरिए आपदा तैयारियों की समीक्षा की है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वो लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, संपत्ति के नुकसान को कम करें और जरूरी सेवाओं को सुचारू बनाए रखें.
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NDRF की टीमें तैयार
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है. इसके अलावा, सेना, नौसेना, वायु सेना और कोस्ट गार्ड भी बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं.मछुआरों को सलाह दी गई है कि वो 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में न जाएं. गृह मंत्रालय, NDMA और IMD प्रभावित राज्यों के साथ समन्वय कर रहे हैं. भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रशासन को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है.