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पूर्व कुकी MLA की पत्नी के IED ब्लास्ट में उड़े चिथड़े, मैतेई समुदाय से थीं चारुबाला

Charubala Death Case: मणिपुर में एक पूर्व विधायक की पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। महिला की मौत आईईडी ब्लास्ट के कारण हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत की वजह क्या है? इसको लेकर कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि महिला ने कचरा जलाने की कोशिश की थी।

Manipur News: मणिपुर में सैकुल विधानसभा सीट से विधायक रहे यमथोंग हाओकिप की पत्नी चारुबाला की मौत का मामला सामने आया है। 59 साल की चारुबाला मैतेई समुदाय से आती थी। जबकि उनके पति कुकी समुदाय से हैं। पुलिस के अनुसार चारुबाला हाओकिप की मौत कांगपोकपी जिले में स्थित उनके घर में हुई है। आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनको अस्पताल में 3 दिन पहले दाखिल करवाया गया था। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हुई है। चारुबाला घर में कचरे के ढेर को आग लगा रही थी। अचानक ब्लास्ट होने के कारण वे झुलस गईं। यह भी पढ़ें:‘SEBI अध्यक्ष माधबी रिजाइन करेंगी या बर्खास्त होंगी…’, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद इस ज्योतिषी ने किया दावा वे कुकी बहुल जिले के एकौमुलम में रहती थी। पुलिस के अनुसार मुलम गांव में पूर्व एमएलए हाओकिप के घर के बाहर विस्फोट हुआ है। खून से लथपथ चारुबाला को तुरंत अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका। पुलिस के अनुसार रविवार सुबह उनकी मौत की सूचना मिली। बम विस्फोट शुक्रवार दोपहर को हुआ था। लेकिन पुलिस को शनिवार को इसके बारे में सूचना मिली। लगातार खून बहने के कारण चारुबाला नहीं बच सकी।

जांच में पुलिस को पता लगी ये बात

जांच में स्थानीय विस्फोटक होने के सबूत मिले हैं। गौरतलब है कि यमथोंग मणिपुर में दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। 2012 और 2017 में उनकी सैकुल विधानसभा से जीत हुई थी। 2022 के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। वहीं, माना जा रहा है कि चारुबाला की मौत का मामला जमीनी और पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। जिसको देखते हुए पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। यह भी पढ़ें:सेक्स एडिक्ट, कई महिलाओं से शादी; बहन तोड़ चुकी रिश्ता…क्या-क्या कांड कर चुका डॉक्टर का हत्यारा संजय रॉय? बता दें कि पिछले कई दिन से मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। मैतेई और कुकी समुदाय के लोग एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। जातीय हिंसा के कारण लगभग 160 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार हिंसा को रोकने की कोशिशों में जुटी है। यह भी पढ़ें:गर्दन टूटी, चेहरे पर नाखून के निशान, प्राइवेट पार्ट से खून बहा, लेडी डॉक्टर की ऑटोप्सी रिपोर्ट में सामने आया सच


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