हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

US-ईरान की जंग से रोजाना 2000 करोड़ का नुकसान! क्या बढ़ने वाली है पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की वजह से भारत की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर बड़ा आर्थिक दबाव पड़ रहा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतें लंबे समय से स्थिर होने की वजह से कंपनियों के मार्जिन घट रहे हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

विज्ञापन
Credit: Social Media

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब भारत की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर साफ दिखाई देने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक कच्चे तेल के महंगे होने की वजह से देश की बड़ी तेल कंपनियों-इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, ग्लोबल लेवल पर तेल की कीमतों में हालिया उछाल के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है. इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और कई मौकों पर ये 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं. इससे तेल आयात करने वाले देशों, खासकर भारत जैसे बड़े आयातक देशों की लागत काफी बढ़ गई है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर देश की तेल कंपनियों और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की वृद्धि से भारत के आयात बिल में 12 से 15 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

ये भी पढ़ें: ओमान में ईरानी ड्रोन हमले में 2 भारतीयों की मौत, 10 घायल; MEA ने दी जानकारी

पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर होने से बढ़ा दबाव

एक बड़ी समस्या ये भी है कि भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम लंबे समय से लगभग स्थिर बने हुए हैं. सरकार महंगाई को कंट्रोल रखने के लिए कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी नहीं होने देती. इसका नतीजा ये होता है कि कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद कंपनियां उसी कीमत पर ईंधन बेचती रहती हैं. इस स्थिति में तेल कंपनियों की मार्केटिंग मार्जिन घट जाती है और उनके नकदी फ्लो पर असर पड़ता है. रेटिंग एजेंसियों का भी कहना है कि अगर ग्लोबल कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इन कंपनियों के मुनाफे और वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है.

विज्ञापन

शेयर बाजार पर भी दिखा असर

तेल की कीमतों में तेजी का असर शेयर बाजार में भी देखा गया है. कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है. विश्लेषकों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें लगातार ऊंची रहीं और घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम नहीं बढ़े तो कंपनियों का मुनाफा काफी घट सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार के सामने अब संतुलन बनाए रखने की चुनौती है. अगर फ्यूल की कीमतें बढ़ाई जाती हैं तो महंगाई पर असर पड़ सकता है, जबकि कीमतें स्थिर रखने पर तेल कंपनियों का घाटा बढ़ सकता है. ऐसे में आने वाले समय में सरकार को टैक्स में कटौती, सब्सिडी या बाकी वित्तीय सहायता जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं ताकि तेल कंपनियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम किया जा सके.

ये भी पढ़ें: LPG Cylinder Shortage LIVE: देश भर में LPG किल्लत! सप्लाई से ज्यादा डिमांड; लंबी कतार में लोग

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola