Reasi Terror Attack Case: रियासी आतंकी हमले की जांच के लिए एनआईए ने राजौरी में 5 जगहों पर रेड की है। 9 जून को जम्मू कश्मीर के रियासी में श्रद्धालुओं की बस को आतंकियों ने निशाना बनाया था। हमले में 9 लोगों की मौत हुई थी। फायरिंग के बाद बस खाई में जा गिरी थी। मृतकों में 1 बच्चा भी शामिल था। इस हमले की जांच 15 जून को एनआईए को सौंपी गई थी। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इसी संदर्भ में राजौरी में छापामारी की है।
एजेंसी ने ओवरग्राउंड वर्कर्स और हाईब्रिड आतंकियों से जुड़े 5 स्थानों पर सर्चिंग की है। 9 जून को रियासी के पौनी इलाके में रेकी के बाद बस पर अटैक किया गया था। श्रद्धालुओं से भरी बस शिव खोरी से कटरा जा रही थी। आतंकियों की भीषण गोलीबारी के कारण बस का ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा था। जिस कारण बस खाई में गिर गई थी। 9 लोगों की जान हमले में चली गई थी, जिसमें एक मासूम भी था। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर आतंकियों की तलाश की थी। लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा था।
हाकम खान से सिर्फ 6 हजार में बेचा था ईमान
गृह मंत्रालय के आदेशों पर जांच एनआईए को दी गई थी। सबसे पहले हाकम खान नाम के शख्स को अरेस्ट किया गया था। एनआईए के अनुसार हाकम ने ही आतंकवादियों को रहने और खाने पीने के लिए जगह मुहैया करवाई थी। बाद में एनआईए को आतंकियों और ओजीडब्ल्यू के बीच संबंधों को लेकर कई सबूत मिले थे। जांच में पता लगा था कि आतंकियों ने हाकम को सिर्फ 6 हजार रुपये मदद के बदले दिए थे। 3 आतंकी उसने अपने घर में ठहराए थे। हाकम ने आतंकियों की गतिविधियों में भी मदद की थी।
जून के हमले में जम्मू कश्मीर में कई आतंकी हमले हो चुके हैं। जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय में रिव्यू मीटिंग हुई थी। पीएम मोदी ने भी हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। पीएम और गृह मंत्री ने कहा था कि सरकार ने हमलों को गंभीरता से लिया है। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से भी हालात का जायजा लिया गया था।