Rajyasabha Election: सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन मंगलवार को राज्यसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े को छू गया है। बता दें कि वोटिंग से पहले ही बीजेपी के 9 और सहयोगी दलों के 2 सदस्यों का चयन निर्विरोध हो गया है। अब बीजेपी के अकेले 96 राज्यसभा मेंबर हो गए हैं। वहीं, NDA के राज्यसभा सदस्यों की संख्या 112 हो गई है। जो सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। उनमें 2 लोग एनडीए के सहयोगी NCP (अजित पवार गुट) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के हैं। कांग्रेस का भी एक मेंबर निर्विरोध चयनित हुआ है। यह भी पढ़ें:जम्‍मू कश्‍मीर की 82 सीटों पर सिर्फ एक मह‍िला प्रत्‍याशी, BJP की मुश्‍क‍िलें बढ़ी; दफ्तर के बाहर मह‍िलाओं का प्रदर्शन बात करें तो राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं। फिलहाल 8 सीटें खाली हैं। जिसमें 4 सीटें मनोनीत सदस्यों की हैं। वहीं, 4 सीटें जम्मू कश्मीर की खाली हैं। इसलिए सदन की वर्तमान सख्या 237 हो चुकी है। बहुमत का आंकड़ा 119 है। बता दें कि 9 राज्यों की 12 सीटों पर चुनाव का ऐलान किया गया था। अब अकेले बीजेपी के 9 उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं। बिहार से मनन कुमार मिश्रा, असम से मिशन रामेश्वर तेली और रंजन दास, मध्य प्रदेश से जॉर्ज कुरियन, हरियाणा से किरण चौधरी, ओडिशा से ममता मोहंता, महाराष्ट्र से धिर्य शील पाटिल और राजस्थान से रवनीत सिंह बिट्टू और राजीव निर्विरोध जीते हैं। त्रिपुरा से भट्टाचार्जी की जीत हुई है।

तेलंगाना से जीते अभिषेक मनु सिंघवी

कांग्रेस की बात करें तो अकेले अभिषेक मनु सिंघवी ने तेलंगाना से जीत दर्ज की है। NCP अजित गुट के नितिन पाटिल और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी निर्विरोध जीते हैं। NDA एक दशक से राज्यसभा में बहुमत के आंकड़े को पाने के लिए मशक्कत कर रहा था। अब उसको अपने विवादास्पद विधेयक पारित करवाना आसान हो जाएगा। क्योंकि इंडिया गठबंधन के विरोध के कारण कई विधेयकों को रोका गया है। यह भी पढ़ें:पिता थे नामी वकील, जूतों की दुकान से मंत्री बनने और जेल जाने तक; गोपाल कांडा का कैसा रहा सियासी सफर? यह भी पढ़ें:दो सीएम, चार बार उपचुनाव; जानिए 5 साल में कितनी बदली हरियाणा की राजनीति?