दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती बयां की. राहुल गांधी ने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि ये युवा देश के संविधान और 'इंडिया' के हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिला प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए उनके घरों पर गुंडे भेजे जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी नागरिकों पर अन्याय होता है, एक नागरिक और प्रतिनिधि के तौर पर उनकी सुरक्षा व मदद करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है.
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और निष्पक्षता की मांग करने पर उनके साथ सख्त व्यवहार किया गया और लाठियां चलाई गईं. 10 जनपथ पर राहुल गांधी के साथ वे चर्चित चेहरे भी मौजूद रहे, जो इस आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का शिकार हुए या विरोध दर्ज कराने के लिए चर्चा में आए.
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मुंबई की रिया से लेकर झारखंड की नूतन तक ने सुनाया दर्द
प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस को रोकने वाली मुंबई की रिया भी इस मौके पर मौजूद रहीं. उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई का निडरता से सामना करने की अपनी बात रखी. झारखंड की रहने वाली नूतन टप्पू ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन पर पेलेट गन से फायर किया गया, जिससे वे घायल हो गईं. प्रदर्शनकारी मुस्कान ने अपना दर्द साझा करते हुए सवाल दागा, "मुझे इतना क्यों मारा गया? हमारा कसूर सिर्फ इतना था कि हम अपने हक के लिए सवाल पूछ रहे थे."
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देश का युवा अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा
राहुल गांधी ने इन सभी युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि देश का युवा अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है. राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरा रोष जताया. उन्होंने कहा कि जो छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत करके पढ़ाई करते हैं, आज वे सड़कों पर लाठियां खाने को मजबूर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है और देश की युवा शक्ति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है.
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