कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर संसद में बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने लोकसभा अध्यक्ष से बोलने देने के लिए अनुमति मांगी, लेकिन वह चले गए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ये सही तरीका नहीं है, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही “अलोकतांत्रिक तरीके” से चल रही है। उनका दावा था कि सदन में लोकसभा स्पीकर द्वारा उनके बार-बार बोले के अनुरोधों को नजरअंदाज किया गया, जबकि उन्हें कई प्रमुख मुद्दों को उठाना था।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress leader Rahul Gandhi says, ” I don’t know what is going on…I requested him to let me speak but he (Speaker) just ran away. This is no way to run the House. Speaker just left and he did not let me speak…he said something… pic.twitter.com/5cszadgc3w
— ANI (@ANI) March 26, 2025
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बार-बार बोलने से रोका गया
राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे नहीं पता कि क्या हो रहा है? मैंने उनसे (अध्यक्ष से) अनुरोध किया कि मुझे बोलने दें, लेकिन वह तेजी से चले गए और मुझे बोलने नहीं दिया। राहुल गांधी ने कहा कि वह महाकुंभ मेले और बेरोजगारी के बढ़ते मुद्दे पर बोलना चाहते थे। लेकिन उन्हें बार-बार बोले से रोका गया।
इस सरकार में लोकतंत्र की कोई जगह नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कुछ नहीं किया, मैं सदन में चुपचाप बैठा रहा। फिर भी, जब भी मैं खड़ा होता हूं, मुझे बोलने से रोका जाता है। जिससे साबित होता है कि बीजेपी की सरकार में लोकतंत्र के लिए कोई जगह नहीं है।
लोकसभा स्पीकर ने की थी ये टिप्पणी
बता दें इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन की प्रक्रिया के नियमों का पालन करने के लिए कहा था। बता दें कि अध्यक्ष ने कहा था कि सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपना आचरण इस प्रकार से रखें जिससे सदन के उच्च मानदंड़ों और गरिमा का पालन हो। उन्होंने कहा था कि मेरे संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं जहां सदस्यों का आचरण उच्च मानदंडों के अनुरूप नहीं है।
अध्यक्ष ने राहुंल गांधी से की थी ये अपील
अध्यक्ष ने कहा था कि इस सदन में पिता और पुत्री, माता और पुत्री, पति और पत्नी सदस्य रहे हैं। इस संदर्भ में मैं विपक्ष के नेता से अपेक्षा करता हूं कि वे नियम 349 के अनुसार आचरण करें, जो सदन में सदस्यों द्वारा पालन किए जाने वाले नियमों से संबंधित है। अध्यक्ष ने कहा था कि विशेष रूप से विपक्ष के नेता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह नियमों के अनुसार आचरण करें।
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