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कितने पढ़े-लिखे हैं प्रह्लाद जोशी? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच जानें कहां से और किन विषयों में किए कोर्स

प्रह्लाद जोशी भी धर्मेंद्र प्रधान की तरह ही अनुभवी नेता हैं और केंद्रीय कार्यप्रणाली का अच्छा अनुभव रखते हैं, लेकिन अबतक उपभोक्ता मामलों का कामकाज संभाल रहे प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय भी संभालना है तो पढ़ाई-लिखाई को लेकर फैसले लेने वाले मंत्री की पढ़ाई-लिखाई की चर्चा भी खूब हो रही है.

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प्रह्लाद जोशी कॉलेज खत्म करते ही राजनीति में आ गए थे.

देश के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं और कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा से सांसद हैं. साल 2004 से वे सांसद हैं और मोदी सरकार में उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं, लेकिन अब वे शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे. प्रह्लाद जोशी कॉलेज खत्म करते ही राजनीति में आ गए थे और तब से अब तक वे कई बार सांसद रह चुके हैं. केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं, इसलिए केंद्रीय कामकाज का अनुभव रखते हैं.

कितनी संपत्ति के मालिक हैं प्रह्लाद जोशी, शिक्षा मंत्री पद की ज़िम्मेदारी मिलते ही क्या बोले?

कर्नाटक से स्कूलिंग और हायर एजुकेशन

क्योंकि प्रह्लाद जोशी अब उपभोक्ता मामले सुलझाने के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के फैसले भी लेंगे तो उनकी शैक्षिणक योग्यता तो लेकर भी युवाओं में खूब चर्चा हो रही है. इसलिए बता दें कि प्रह्लाद जोशी जवानी के दिनों में ही राजनीति से जुड़ गए थे. उन्होंने कर्नाटक में हुबली स्थित रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से स्कूलिंग की. कर्नाटक यूनिवर्सिटी के श्री कदासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से कला (BA) में ग्रेजुएशन की. छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जड़े.

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1995 में BJP से जुड़कर राजनीति में आए

ग्रेजुएशन पूरी होते ही वे राजनीति में पूरी तरह एक्टिव में हो गए. वर्ष 1992 से 1994 के बीच वे राजनीतिक गलियारों में काफी सुर्खियों में रहें, क्योंकि उन्होंने हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने का आंदोलन छेड़ा था. ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ का नेतृत्व भी प्रह्लाद जोशी कर चुके हैं. 1995 में BJP से जुड़कर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले प्रह्लाद 1995 से 1998 तक कर्नाटक के धारवाड़ में ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलाध्यक्ष रहे.

PM मोदी के दूसरे-तीसरे कार्यकाल में मंत्री

प्रह्लाद 1998 से 2003 तक धारवाड़ भाजपा के जिला महासचिव रहे. प्रह्लाद जोशी ने 2004 से कर्नाटक की धारवाड़ सीट से चुनाव जीता और लोकसभा पहुंचे. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बीएस पाटिल को हराया था. साल 2014 से 2016 तक वे कर्नाटक BJP के प्रदेश अध्यक्ष रहे. वहीं अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 30 मई 2019 को उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण की. उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

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मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में प्रह्लाद जोशी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मंत्री हैं. साथ ही नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालते हैं और अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी उन्हें मिल गया है. 

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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