कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ पुलिस वारंट जारी हुआ है. मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल को लेकर दिए गए बयान का है. पंजाब के संगरूर जिले की अदालत ने वारंट जारी किया है और 19 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश उन्हें दिया है. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ 15 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी हुआ है, लेकिन खड़गे को जमानत खुद कोर्ट में पेश होकर लेनी होगी. ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं.

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बजरंग दल के सदस्य ने दी थी शिकायत

साल 2023 का मामला है, जब संगरूर निवासी और बजरंग दल सदस्य हितेश भारद्वाज ने उनके खिलाफ शिकायत दी, जिसमें कहा गया कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बयान दिया था. उन्होंने बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से की थी. उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात अपने बयान में कही थी. पहले शिकायत को सिविल माना गया था, लेकिन अब अदालत ने इसे आपराधिक मामला मान लिया है.

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पेश नहीं हुए तो गैर-जमानती वारंट आएंगे

पुलिस वारंट में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 19 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा सकता है. बता दें कि संगरूर की जिला अदालत के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रमनदीप कौर ने वारंट जारी किया है. वहीं शिकायत करने वाले हितेश हिंदू सुरक्षा परिषद बजरंग दल हिंद के संस्थापक हैं, जिन्होंने खरगे के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस दायर किया है.

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खड़गे ने चुनावी रैली में दिया था बयान

हितेश भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजरंग दल की तुलना देश विरोधी संगठन से करके मानहानि की है. उन्होंने एक चुनावी रैली में कहा था कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने पर बजरंग दल और अन्य देश विरोधी संगठनों को प्रतिबंधित कर देगी, क्योंकि यह दल समाज में नफरत फैलने का काम करते हैं. खड़गे के इसी बयान के खिलाफ हितेश भारद्वाज ने मानहानि का केस दायर किया और खड़गे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

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