संसद में दूसरा ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। पहले संसद का नया भवन बनकर अब परिसीमन होकर। देश में परिसीमन होने की तैयारी हो रही है। ऐसे में संसद में वर्तमान 543 सांसदों की संख्या करीब 850 लोक सभा सीटों तक जा सकती है। सवाल उठता है कि वर्तमान में यूपी लोक सभा के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है। कहते हैं कि संसद का रास्ता यूपी, बिहार से होकर जाता है। आइए समझते हैं परिसीमन के बाद यूपी या अन्य राज्यों पर क्या असर पड़ेगा।

वर्तमान में सबसे ज्यादा लोकसभा सांसद उत्तर प्रदेश से हैं। कुल 80 सांसद चुनकर लोकसभा में जाते हैं। यह उत्तर प्रदेश की सबसे अधिक आबादी होने के कारण है। इसके अलावा 48 सांसदों के साथ महाराष्ट्र दूसरे और 42 सांसदों के साथ पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल तीसरे स्थान पर है। केंद्र सरकार 16 अप्रैल को लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए बिल लाने की तैयारी कर रही है। इस बिल लोक सभा और विधान सभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। इसके अलावा अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण होगा। ये बिल पास होने के बाद संसद में 543 सांसदों की संख्या अधिकतम 850 पहुंच जाएगी।

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क्या है बिल में?

बिल के प्रावधानों के मुताबिक राज्यों को कुल 815 सीटें आवंटित की जाएंगी। पहले राज्यों के पास 530 सीटें थीं। वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों की सीटें 15 से बढ़कर 35 हो जाएंगी। विधेयक में निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया गया है।

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15 साल तक महिलाओं के लिए आरक्षण

विधेयक के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इस आरक्षण में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को भी शामिल किया गया है। यह आरक्षण रोटेशन प्रणाली से लागू होगा। मतलब, हर चुनाव में अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल तक प्रभावी रहेगा। इस हिसाब से यह 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक लागू होगा।संसद में अब 543 की जगह होंगी 850 सीटें, क्या UP बना रहेगा सबसे ज्यादा सांसद वाला राज्य?

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