संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव का एक अलग ही रूप देखने को मिला. वह माथे पर पट्टी लगाए और हाथ में डंडा लेकर संसद परिसर पहुंचे. प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के खिलाफ उन्होंने यह रूप धारण किया था. मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि छात्रों पर भारी अत्याचार हो रहा है और उनकी आवाज दबाई जा रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'भैया, बड़ी मार है' और गोलियों-डंडों के दम पर विरोध को कुचला जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने बिहार में छात्रों पर लाठीचार्ज और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'मिथिला पाग' पहनाए जाने पर भी अपनी नाराजगी जताई.
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एंटी पेपर लीक बिल पर बहस की तैयारी
NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर संसद में पिछले एक हफ्ते से गतिरोध जारी था. इस बीच लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा होने के पूरे आसार हैं. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक पर पूरी तरह लगाम लगाना है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता इस बिल पर बहस के लिए राजी हुए हैं. सरकार का दावा है कि 2024 के कानून को और मजबूत बनाकर यह नया संशोधन विधेयक नकल माफियाओं के खिलाफ सबसे सख्त कदम साबित होगा.
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लोकसभा में विपक्ष का हंगामा
सोमवार को भी सरकार इस बिल पर चर्चा कराना चाहती थी, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च और जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विपक्षी सांसद सरकार से इस मामले पर जवाब की मांग कर रहे थे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गतिरोध दूर करने के लिए दोनों पक्षों को समय दिया और याद दिलाया कि बिल पर चर्चा के लिए छह घंटे तय हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लोकसभा सिर्फ नारे लगाने के लिए नहीं बनी है, बल्कि इसका असली काम जनता से जुड़े विधेयकों पर चर्चा करना है.
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