पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर किया था। इसके बाद लगभग तीन दिन तक भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष जारी रहा। पाकिस्तान ने दावा किया कि इस दौरान उसने भारत के कई जेट विमान गिरा दिए। अब पाकिस्तान के दो बड़े नेताओं ने अलग-अलग बयान दिए हैं।
सबसे पहले बात करते हैं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हम भारत के दस विमान मार सकते थे, लेकिन हमने केवल छह ही गिराए। जब पत्रकार ने पूछा कि तो आपने बाकी क्यों नहीं गिराए, तो उन्होंने कहा कि मैं आपको सारी जानकारी नहीं दे सकता।
वहीं, पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका गए बिलावल भुट्टो ने ख्वाजा आसिफ से भी एक कदम आगे जाकर कहा कि हम भारत के 20 जेट विमान गिरा सकते थे, लेकिन हमने सिर्फ छह को ही निशाना बनाया था। अब सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान के दो बड़े नेताओं के बयान अलग-अलग क्यों हैं? माना जा रहा है कि ये सिर्फ बयानबाजी हैं और इस तरह के दावों में तथ्य और संख्या महत्वपूर्ण नहीं होते।
वहीं भारत की ओर से अमेरिका गए शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने आतंकियों का बचाव करने पर पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो की कड़ी आलोचना की और उनकी बोलती बंद कर दी। मिलिंद देवड़ा ने कहा कि पाकिस्तान का युवा राजनेता अमेरिका में उन्हीं आतंकियों का बचाव कर रहा है, जो शायद उसकी मां बेनजीर भुट्टो का हत्यारा हों। बता दें कि बेनजीर भुट्टो की भी एक आत्मघाती हमले में मौत हुई थी। 27 दिसंबर 2007 को बेनजीर रावलपिंडी में चुनाव प्रचार कर रही थीं, जहां एक हमले में उनकी मौत हो गई थी।
पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए मिलिंद देवड़ा ने आगे कहा कि अमेरिका पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को समझता है। इसके पीछे का मुख्य कारण 9/11 का आतंकी हमला है, जिसमें आतंकियों को पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग मिली थी। इस घटना के बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान में पाया गया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मामलों की समिति ने भारत का समर्थन किया है और पाकिस्तान द्वारा किसी भी दुस्साहस की स्थिति में भारत के अपने बचाव के अधिकार का भी समर्थन करती है।