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युद्धविराम के बाद सबसे बड़ा सवाल, Operation Sindoor से भारत को क्या हुआ हासिल?

भारत ने अपने नागरिकों की निर्मम हत्या का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) मे गुसकर सैन्य कार्रवाई की। ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा। जानिए भारत ने इस अभियान में क्या-क्या हासिल किया।

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22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद देश के लोग आक्रोशित हो उठे थे और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता कई हाई लेवल बैठक हुई। बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ कई फैसले लिए गए। 6-7 की रात को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और POK में घुसकर  आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद दोनों देश के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए थे लेकिन अब सीजफायर की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि Operation Sindoor से भारत को क्या हासिल हुआ?

नौ आतंकवादी ठिकानों का खात्मा

भारत ने पाकिस्तान और PoJK में 9 उच्च-मूल्य वाले आतंकी लॉन्चपैड्स को ध्वस्त किया। इसके साथ ही ये ठिकाने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े थे। जो कि ये सभी स्थान भारत पर हमलों की साजिश रचने वाले प्रमुख प्रशिक्षण और संचालन केंद्र थे।

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पाकिस्तान के मुख्य भूभाग में घुसकर हमले

हमलों की पहुंच केवल PoJK तक सीमित नहीं रही, बल्कि पाकिस्तान के अंदर सैकड़ों किलोमीटर तक फैली। जिसके बाद भारत ने पंजाब प्रांत जैसे इलाकों को निशाना बनाया, जो पाकिस्तान की सैन्य रणनीति का गढ़ माना जाता है। भारत ने बहावलपुर जैसे संवेदनशील आतंकी ठिकानों पर भी प्रहार किया, जहाँ अमेरिका तक ने ड्रोन नहीं भेजे थे।

पाकिस्तान की कमजोर वायु रक्षा प्रणाली उजागर

भारतीय बलों ने पाकिस्तान के वायु रक्षा तंत्र को या तो चकमा दिया या जाम कर दिया। जिसके बाद केवल 23 मिनट में किए गए सटीक हमलों ने पाकिस्तान की वायु सुरक्षा में गंभीर खामियां उजागर कर दीं। राफाल लड़ाकू विमानों ने SCALP मिसाइल और HAMMER बमों से मिशन को अंजाम दिया, बिना किसी हानि के भारत की तकनीकी और रणनीतिक श्रेष्ठता का प्रमाण।

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सटीकता के साथ बिना तनाव बढ़ाए कार्रवाई

भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया जिसमें किसी सैन्य या नागरिक ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया। “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए भारत ने व्यापक संघर्ष को टालते हुए लक्षित कार्रवाई की।

प्रमुख आतंकियों का सफाया

कई खूंखार आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई भारत की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल थे। इसके साथ ही एक ही रात में कई आतंकी मॉड्यूल्स के नेतृत्व को भी खत्म कर दिया गया।

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तीनों सेनाओं का समन्वय

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने समन्वित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया जो कि यह भारत की संयुक्त युद्ध क्षमता की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

दुनिया को स्पष्ट संदेश

भारत ने दिखा दिया कि वह अपने नागरिकों की रक्षा के लिए किसी की अनुमति का इंतजार नहीं करेगा। इसके साथ ही यह कोशिश की जाएगी आतंकवाद को कहीं भी, कभी भी सज़ा मिले। आतंकियों और उनके सरगनाओं के लिए अब दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं है।

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ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई सुरक्षा नीति और निर्णायक सैन्य शक्ति का प्रतीक बनकर सामने आया है। ये भी की भारत में हमले करने के बार आतंकी कहीं छुप कर ख़ुद को सुरक्षित ना महसूस करें , भारत कहीं भी जाकर आतंकियों का सफाया करने में सक्षम है ।

ये भी पढ़ें-इंडियन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना को किया तबाह! ब्रीफिंग में बोलीं कर्नल सोफिया कुरैशी

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First published on: May 10, 2025 07:46 PM

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