Om Birla Controversy: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आज सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश होगा। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है, जो 13 मार्च तक चलेगा। लोकसभा सचिवालय ने ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए दिए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को आज सोमवार को सदन में होने वाले कामों की सूची में शामिल कर लिया है। एजेंडा पेपर के अनुसार, आज सदन में यही एक ही काम होना है और एजेंडे में यही एकमात्र लिस्टेड आइटम है।

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चर्चा के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों तैयार

संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि 39 साल के बाद लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होगी, जिसके लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों तैयारी हैं।सत्तापक्ष की तरफ से चर्चा को जॉइन करने वालों की सूची तैयार है। वहीं कांग्रेस ने भी बैठक करके रणनीति बना ली है। कांग्रेस ने तो अपने लोकसभा सदस्यों को 3 दिन का व्हिप दिया है कि वे 9 से 11 मार्च तक हर हाल में सदन में उपस्थित रहें। जो नहीं आएगा, उसके खिलाफ पार्टी हाईकमान कड़ा फैसला लेगी।

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प्रस्ताव को 50 सदस्यों का समर्थन जरूरी

बता दें कि लोकसभा सदन में अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस के 3 सांसद मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लू रवि पेश करेंगे। चेयर के बुलाने पर प्रस्ताव के समर्थक 50 सदस्यों को खड़े होकर समर्थन देना होगा, तभी प्रस्ताव को स्वीकार किया जाएगा और फिर चर्चा एवं वोटिंग होगी। अगर 50 सदस्य प्रस्ताव के समर्थन में खड़े नहीं हुए तो वह पेश नहीं किया जा सकता। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज सदन में नहीं होंगे। जब तक अविश्वास प्रस्ताव का मामला नहीं निपटेगा, वे सदन में नहीं आएंगे।

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किस-किस दल ने किया प्रस्ताव का समर्थन?

बता दें कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस ने पेश किया है। इस प्रस्ताव को विपक्ष के 118 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, क्योंकि प्रस्ताव पर इन सभी के हस्ताक्षर हैं। नोटिस पर पहले तृणमूल कांग्रेस ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद TMC ने भी अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन दे दिया है। NCP शरद पवार ने भी प्रस्ताव पर अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है, लेकिन कहा जा रहा है कि शरद पवार की पार्टी विपक्ष के खिलाफ नहीं जाएगी।