कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रही है. 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हर पीढ़ी के लोग उनका समर्थन करने पहुंचे और देखते ही देखते ये एक बड़े आंदोलन में बदल गया. संसद तक मार्च कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज हुआ, आंसू गैस के गोले दागे गए, लेकिन सरकार मौन रही. कॉकरोच पार्टी ने जो आंदोलन शुरू किया, उसकी आग पूरे देश में फैल गई. दूसरे राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन होने लगे. विपक्ष ने भी मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए जगह-जगह धरना दिया. आखिरकार थक हारकर सरकार को बीच में आना पड़ा.
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पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने गुरुवार को खुद आगे आकर छात्रों से संपर्क करने की पहल की. प्रधानमंत्री ने पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक में शामिल लोगों को नहीं छोड़ेगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है.” हालांकि पीएम मोदी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने युवाओं पर जो बर्बरता की, उसका कोई ज़िक्र नहीं किया और ना ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई बात कही.
सरकार ने क्या एक्शन लिए?
पीएम मोदी के बयान के कुछ ही घंटे बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट तैयार किया. इसके बाद पीएम मोदी ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा कि सरकारी विभागों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट पर ड्राफ्ट तैयार करने के लिए पूरी रात बिना रूके काम किया. पीएम मोदी के बयान के बावजूद जंतर-मंतर पर हालात नहीं बदले. दरअसल, विरोध प्रदर्शन की वजह से जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में रह रहे लोगों या वहां काम करने वालों की आम ज़िंदगी पर काफी असर पड़ रहा है. पूरे हफ्ते सुरक्षा कारणों की वजह से करीब 17 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई. सड़कों पर भी ट्रैफिक जाम रहा.
सरकार ने कई बैठकें
विरोध की बढ़ती आग को देखते हुए मोदी सरकार ने मैराथन बैठकें की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जो लगभग चार घंटे तक चली. मीटिंग में इस बात पर सहमति बनी कि सरकार सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों पर पॉजिटिव रुख अपनाएगी. सरकार के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म की. शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत हुई. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की. बैठक खत्म होने के बाद सीजेपी प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार ने उनकी तीन मांगों में से 2 पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं हो सका है. केंद्र सरकार कल दोपहर तक अपना जवाब देगी.
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