संसद के आने वाले मॉनसून सेशन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें बढ़ रही हैं. हालांकि सरकार की तरफ से कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हुआ है, लेकिन पॉलिटिकल जानकारों का मानना है कि कैबिनेट में बड़ा बदलाव हो सकता है, जिसमें कुछ मंत्रियों को नई ज़िम्मेदारियां मिलेंगी और कुछ को शायद हटाया जा सकता है. सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में है, जिनकी NEET पेपर लीक विवाद के बाद आलोचना हो रही है, उनके इस्तीफे की मांग बढ़ गई है, इससे ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व में बदलाव हो सकता है.
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---
किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
एक और बड़ी चर्चा ये है कि RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को नए वित्त मंत्री के तौर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मंत्रिमंडल से हटाने के बजाय शिक्षा मंत्रालय भेजा जा सकता है. शक्तिकांत दास एक पूर्व IAS अधिकारी हैं, जिन्हें आर्थिक नीति, टैक्स और वित्तीय प्रशासन के क्षेत्र में दशकों का अनुभव है. उन्होंने 2018 से 2024 तक RBI गवर्नर के तौर पर भी काम किया और अपने काम के लिए उन्हें ग्लोबल स्तर पर पहचान मिली. अगर दास को वित्त मंत्री बनाया जाता है, तो वो उन पूर्व RBI गवर्नरों के खास ग्रुप में शामिल हो जाएंगे जो बाद में वित्त मंत्री बने, इनमें पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सीडी देशमुख भी शामिल हैं. चूंकि दास अभी संसद सदस्य नहीं हैं, इसलिए अगर उन्हें नियुक्त किया जाता है तो उन्हें छह महीने के भीतर राज्यसभा का सदस्य बनना होगा।
---विज्ञापन---
मोदी कैबिनेट में कौन-कौन शामिल हो सकता है?
कैबिनेट में नए चेहरों के तौर पर कई नामों पर चर्चा हो रही है. इनमें नीतीश कुमार, शक्तिकांत दास, सुखेंदु शेखर रॉय, तरुण चुघ, राघव चड्ढा और श्रीकांत शिंदे शामिल हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फेरबदल के दौरान उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का भी ध्यान रखा जा सकता है. जिन मंत्रियों के विभागों में बदलाव की चर्चा है, उनमें मनोहर लाल खट्टर, रवनीत सिंह बिट्टू, अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी और नितिन गडकरी शामिल हैं. हालांकि, ये सभी नाम राजनीतिक अटकलों पर आधारित हैं और सरकार ने किसी भी बदलाव की पुष्टि नहीं की है. जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक विभागों में फेरबदल की बात सिर्फ़ चर्चा का विषय है, न कि कोई पक्की बात.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें: PM मोदी को सेशेल्स ने दिया अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान, दुनिया ने माना पर्यावरण नीति का लोहा
---विज्ञापन---