'महिला की मॉर्फ्ड तस्वीरें हटाए META', दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP नेताओं को भी जारी किया नोटिस; जानें पूरा मामला

जस्टिस गिरीश कठपालिया ने सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता पर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ एक महिला से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसमें देश के प्रधानमंत्री की तस्वीर का भी मामला शामिल है.

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CJP चीफ अभिजीत दीपके. FILE Photo: ANI

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की कथित तौर पर एआई से तैयार और मॉर्फ की गई आपत्तिजनक तस्वीरों के मामले में शुक्रवार को मेटा को बड़ा आदेश दिया. हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा को महिला से संबंधित सभी मॉर्फ्ड तस्वीरें और लिंक को अपने प्लेटफॉर्म से 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है. साथ ही मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को नोटिस जारी किया गया है.

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क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि यह पूरा मामला इस साल दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया और एआई, फेस-स्वैप तकनीक की मदद से उसे पीएम मोदी की फोटो के साथ जोड़कर आपत्तिजनक रूप में पेश किया गया. शिकायत के मुताबिक, कथित मॉर्फ्ड तस्वीरों को प्रदर्शन के दौरान बड़े बैनर और पोस्टरों पर भी दिखाया किया गया. बाद में इससे जुड़ा वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल किए गए.

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पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR

महिला की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. हालांकि, शुरुआती एफआईआर में CJP के जिन नेताओं के नाम शिकायत में दिए गए थे, उन्हें आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया था. महिला की याचिका में आरोप लगाया गया है कि तस्वीरों को तैयार करने और प्रसारित करने में CJP से जुड़े लोगों की भूमिका रही.

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रिपोर्टों के मुताबिक, महिला ने अपनी याचिका में दावा किया कि कथित तस्वीरों के वायरल होने के बाद उसे डर और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा. उसने सोशल मीडिया से तस्वीरों और संबंधित लिंक को तुरंत हटाने और अपनी सुरक्षा की मांग की थी.

कोर्ट ने महिला को सुरक्षा देने का भी दिया आदेश

जस्टिस गिरीश कठपालिया ने सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता पर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ एक महिला से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसमें देश के प्रधानमंत्री की तस्वीर का भी मामला शामिल है. अदालत ने दिल्ली पुलिस को महिला को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. पुलिस को मामले में स्टेटस रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर दाखिल करने को कहा गया है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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