दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के बीच मतदाता सूची से नाम कटने के बाद कई लोग अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए कैंपों में पहुंच रहे हैं. अलग-अलग इलाकों में लगाए गए इन कैंपों में BLO यानी बूथ लेवल अधिकारी लोगों के दस्तावेज और उन्हें दिए गए नोटिस की जांच कर रहे हैं. इसके बाद अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-18 में लोग फिर से नाम जुड़वाने
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-18 में बड़ी संख्या में लोग कैंप में अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने पहुंचे थे. यहां कई ऐसे मतदाता भी थे, जिन्होंने पिछले चुनाव में वोट डाला था, लेकिन इस बार मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है. अब इन लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी पुराने दस्तावेजों को लेकर है. खासतौर पर 2002 की मतदाता सूची के आधार पर अपने नाम और पिता के नाम का सत्यापन कराने में लोगों को दिक्कत हो रही है. कई लोगों के पास उस समय के जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं हैं.
पिछले चुनाव में किया था मतदान, लेकिन लिस्ट में से नाम गायब
कैंप में पहुंचे लोग घंटों बैठकर अपने दस्तावेज जुटाने और अपनी जानकारी को सही साबित करने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि जब उन्होंने पहले चुनाव में मतदान किया है, तो अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए इतनी परेशानी का सामना क्यों करना पड़ रहा है. लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर किसी के पास 2002 के पुराने रिकॉर्ड या जरूरी दस्तावेज नहीं हैं, तो वह अपनी पहचान और पुराने मतदाता रिकॉर्ड को कैसे साबित करेगा. अब यह देखना होगा कि ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए आगे क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है और उन्हें इस परेशानी से किस तरह राहत मिलती है.