Medical Science Unique Research: एशिया में पहली बार मेडिकल साइंस की दुनिया में एक ऐसी रिसर्च हुई है, जो अब तक असंभव मानी जा रही थी. यह रिसर्च हुई भी भारत में है, जिसके रिजल्ट भी पॉजिटिव रहे. दरअसल, दिल्ली के डॉक्टरों ने मर चुकी महिला के शरीर में फिर से ब्लड सर्कुलेशन एक्टिव करने में सफलता हासिल की है. महिला के अंगदान करने के लिए यह प्रयास किया गया था, जो सफल रहा और इस प्रक्रिया को एशिया में पहली बार की गई सफल चिकित्सीय प्रक्रिया माना जा रहा है, जिस पर आगे और रिसर्च करने के रास्ते भी खुल गए हैं.
यह भी पढ़ें: सर्दियों में होता है रीढ़ की हड्डी में दर्द, कैंसर का संकेत तो नहीं? न्यूरो सर्जन से जानते हैं सच्चाई
मोटर न्यूरॉन बीमारी से ग्रस्त थी मरीज
दिल्ली में द्वारका स्थित HCMCT मणिपाल अस्पताल में 55 वर्षीय गीता चावला की 6 नवंबर की रात को मौत हो गई थी. वह मोटर न्यूरॉन नामक बीमारी से ग्रस्त थी, जिसके कारण पैरालाइज होने से वह बिस्तर पर था. अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई तो अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर डाल दिया गया. 6 नवंबर को उन्होंने आखिरी सांस ली. गीता की आखिरी इच्छा अंगदान करने की थी, लेकिन गीता का दिल दम टूटते ही बंद हो गया था, जबकि अंगदान तब किया जा सकता है, जब दिल एक्टिव हो, लेकिन ब्रेन पूरी तरह से डेड हो चुका हो.
यह भी पढ़ें: क्या दूध पीने से क्या हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है? स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा, दिखते हैं ये संकेत
नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया
क्योंकि गीता की अंगदान करने की आखिरी ख्वाहिश को पूरा करना था, इसलिए परिजनों ने डॉक्टरों से कुछ तरीका निकालने को कहा. डॉक्टरों ने गीता पर नई टेक्नोलॉजी नॉर्मोथर्मिक रीजनल परफ्यूजन (NRP) को इस्तेमाल करने का फैसला किया. एक विशेष मशीन एक्स्ट्रा कॉरपोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनटर (ECMO) के जरिए बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन एक्टिव करके अंगों को जिंदा रखा गया और गीता चावला की अंगदान की ख्वाहिश पूरी की गई. मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के चेयरमैन डॉ. श्रीकांत श्रीनिवासन ने इसके बारे में बताया.
यह भी पढ़ें: दिल्ली की जहरीली हवा का दिमाग पर भी होता है असर, न्यूरोलॉजिस्ट से जानें कौन-सी बीमारियों के होने का खतरा?
तीन मरीजों को दान किए गए हैं अंग
डॉ. श्रीनिवासन ने बताया कि एशिया में पहली बार किसी मृतक के शरीर में खून का प्रवाह फिर से शुरू करके अंगों को सुरक्षित रखा गया. नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) ने गीता के अंगों को दान किया. गीता का लिवर दिल्ली के ILBS अस्पताल में 48 साल के मरीज को डोनेट किया गया है. दोनों किडनियां मैक्स अस्पताल साकेत में 63 और 58 साल के 2 मरीजों को दी गई हैं. कॉर्निया और स्किन भी डोनेट किया गया है. मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के चेयरमैन डॉ. (कर्नल) अवनीश सेठ कहते हैं कि साल 2024 में 1128 लोगों ने अंगदान किया था.
संबंधित खबरें
मणिपुर में युवकों की हत्या के बाद हालात बेकाबू, कांगपोकपी में बंद का आह्वान
1 hr agoLIVE: दिल्ली में BS6 वाहनों को एंट्री नहीं, सिंघु बॉर्डर पर चेकिंग जारी
2 hrs agoSIR पर चुनाव आयोग ने दी बड़ी सुविधा, मानी जजों की बात; अब काम में आएगी तेजी
2 hrs ago12 साल की बीमार बेटी को कंधे पर उठा 7KM पैदल क्यों चली मां? वीडियो वायरल
2 hrs ago120KM स्पीड वाले चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का लैंडफॉल, जानें कहां-कैसे हालात?
2 hrs agoअरब सागर में भारतीय नौसेना ने लुटेरों से छुड़ाए जहाज समेत 20 क्रू मेंबर्स
9 hrs agoगोकर्ण बीच पर बड़ा हादसा, लहरों में बह गए बेंगलुरु के 3 टेक कर्मचारी
9 hrs ago120 KMPH की हवा, भारी बारिश... अर्नब के बाद चक्रवात 'मुरासु' का विकराल रूप
9 hrs agoNCP विलय की चर्चा क्यों, अमित शाह से अजित गुट के नेताओं को क्या मिली नसीहत?
11 hrs ago'आप विदेशी मदद से PM बने', राहुल का PM मोदी पर पलटवार, खुली बहस की चुनौती
14 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines