राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी से एक डराने वाली खबर सामने आई है. सोमवार दोपहर को रिफाइनरी की एक मुख्य यूनिट में अचानक भीषण आग लग गई जिससे चारों ओर धुंए का काला गुबार छा गया. यह हादसा उस वक्त हुआ जब कल यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विशाल रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे. प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. HRRL रिफाइनरी की यूनिट में आग लगने के कारण प्रधानमंत्री का 21 अप्रैल का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रिफाइनरी परिसर में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच भगदड़ मच गई और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.
सीडीयू यूनिट में लगी आग
जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट यानी सीडीयू में लगी है जो तेल शोधन की प्रक्रिया का अहम हिस्सा मानी जाती है. आग लगने के तुरंत बाद रिफाइनरी के फायर सेफ्टी सिस्टम को सक्रिय किया गया और बड़ी संख्या में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में अभी तक किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं मिली है और यूनिट में मौजूद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. आग इतनी विकराल थी कि इसके प्रभाव को देखते हुए आसपास के पूरे इलाके को तुरंत खाली करा दिया गया है ताकि किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके.
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मुख्यमंत्री के दौरे पर असर
इस हादसे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कार्यक्रम को भी प्रभावित कर दिया है. आज शाम साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री का रिफाइनरी पहुंचने का कार्यक्रम तय था जहां उन्हें लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लेना था. हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है और मुख्यमंत्री अब खुद उस हिस्से का मुआयना कर सकते हैं जहाँ आग लगी है. पीएम मोदी की सभा स्थल पर तैनात की गई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी तुरंत रिफाइनरी के भीतर आग बुझाने के काम में लगा दिया गया है. आग लगने के असली कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पूरी टीम स्थिति को काबू में करने के लिए जूझ रही है.
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क्या टल जाएगा पीएम का कार्यक्रम?
कल होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बदलाव नहीं किया गया है. बताया जा रहा है कि जहां प्रधानमंत्री की जनसभा होनी है वह स्थान इस यूनिट से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है और पूरी तरह सुरक्षित है. हालांकि रिफाइनरी के भीतर आग का बुझना अभी बाकी है और धुंआ अब भी आसमान में देखा जा सकता है. सुरक्षा एजेंसियां और रिफाइनरी के अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई और वजह है. कल के बड़े आयोजन से पहले प्रशासन के लिए यह स्थिति किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.
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