अविश्वास प्रस्ताव, सुप्रीम कोर्ट, बगावत..., मणिपुर CM बीरेन सिंह के इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी

Manipur Political Crisis: एन बीरेन सिंह ने रविवार को मणिपुर के सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले कई बीजेपी विधायक और कुकी संगठन उनके पद पर रहने से नाराज थे। उनका मानना था कि बीरेन सिंह के पद पर रहते गतिरोध नहीं सुलझ सकता।

Manipur Political Crisis

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Manipur CM Resignation 2025: मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने रविवार को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के कुछ विधायक लगातार उन्हें हटाने की मांग कर रहा थे। राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के दो साल बाद सीएम ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। प्रदेश में जातीय हिंसा के कारण अब तक 250 से अधिक जानें जा चुकी है। उधर कांग्रेस लगातार अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कह रही थी। इस बीच अचानक एन बीरेन सिंह दिल्ली पहुंचते हैं और अमित शाह-जेपी नड्डा से मिलते हैं। इसके बाद देर शाम वे इस्तीफा राज्यपाल अजय भल्ला को सौंप देते हैं।

कुकी संगठन लगातार उन्हें हटाने की मांग कर रहा थे। उन्होंने कहा कि जब तक बीरेन सिंह सीएम हैं तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। फिलहाल बीरेन सिंह प्रदेश के कार्यवाहक सीएम के तौर पर काम करते रहेंगे। बता दें कि प्रदेश में बीजेपी के 32 विधायक हैं। पिछले 21 महीने में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वाई खेमचंद समेत कई कुकी विधायकों ने सीएम की ओर से बुलाई गई बैठकों में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

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कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव से डरी बीजेपी

कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात पर बीजेपी विधायकों ने हामी भर दी। विधायकों ने आलाकमान से कह दिया कि अगर बीरेन सिंह इस्तीफा नहीं देंगे तो हम विपक्ष में बैठेंगे। वहीं 10 अन्य विधायकों ने विरोध कर रहे विधायकों के विपक्ष में बैठने का ऐलान किया था। इन विधायकों में कुछ मंत्री भी शामिल थे। उधर संगठन लगातार इसकी सूचना केंद्रीय नेतृत्व को भेज रहा था। बगावत की स्थिति बनते देख आलाकमान ने सीएम को दिल्ली तलब किया और इस्तीफा देने को कहा। इसके बाद बीरेन सिंह ने रविवार देर रात इस्तीफा दे दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी फोरेंसिक रिपोर्ट

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में लीक ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक रिपोर्ट मांग चुका है। इस ऑडियो में बीरेन सिंह ने सुझाव दिया था कि मैतेई समूहों को राज्य सरकार के हथियार और गोला बारूद लूटने की अनुमति दी गई। वहीं बीजेपी के कई विधायक और सरकार में मंत्री रहे विधायक कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। ये सभी विधायक वे थे, जो बीरेन सिंह के खिलाफ थे। इस बीच विधानसभा सचिव ने 10 फरवरी यानी आज से शुरू हो जा रहे विधानसभा सत्र को भी अमान्य घोषित कर दिया है।

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