कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उनमें साहस है, तो वे संसद भंग करके बैलेट पेपर पर दोबारा लोकसभा चुनाव कराएं. इसके साथ ही खरगे ने ऐलान किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज के खिलाफ ‘INDIA’ गठबंधन शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ (जनता का महाभियोग) लाएगा. समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को जानबूझकर खत्म करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद एक मंच पर इकट्ठा होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर-तरीकों पर अपनी बात रखेंगे. खरगे के मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है.
‘अगर हिम्मत है तो संसद भंग करके चुनाव कराएं’
बैलेट पेपर पर चुनाव की मांग को लेकर हो रही बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “वे बैलेट पेपर की मांग का मजाक उड़ा रहे हैं. अगर इतनी ही हिम्मत है, तो संसद भंग कर दीजिए और बैलेट पेपर पर चुनाव करवा कर दिखाइए.” खरगे ने आगे कहा कि छोटे चुनावों में जीत से जनता की बुनियादी समस्याएं हल नहीं होतीं. उन्होंने कहा, “आज देश में महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. इन सब को किनारे रखकर यह कहा जाता है कि कांग्रेस कहीं नजर नहीं आती. एक समय ऐसा भी था जब पूरी संसद में भाजपा के पास सिर्फ दो सीटें थीं, तो क्या हम उसी बात को बार-बार दोहराते रहें?”
वृंदा करात ने याद दिलाए वाराणसी और नागपुर के नतीजे
दूसरी ओर, माकपा (CPI-M) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने भी पीएम मोदी के बयानों पर सवाल उठाए. उन्होंने वाराणसी और नागपुर के विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भाजपा दो एमएलसी सीटें हारी थी. वहीं आरएसएस के मुख्यालय वाले शहर नागपुर में भी उनका प्रत्याशी हार गया था. उन्होंने भाजपा को चुनावी व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ न करने की चेतावनी दी. यह पूरा सियासी टकराव तब शुरू हुआ जब पीएम मोदी ने चार राज्यों में विधान परिषद चुनावों में एनडीए की जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस पर तंज कसा था.