जनगणना 2027 को लेकर बड़ा अपडेट, सरकार ने जारी किया शेड्यूल; 25 जनवरी से 28 फरवरी तक पूरी होगी गिनती

प्रशासनिक कारणों और भौगोलिक परिस्थितियों के चलते बर्फीले क्षेत्रों और आगामी चुनाव वाले राज्यों को इस शेड्यूल से अलग रखा गया है. बता दें कि देश में आखिरी बार जनगणना 2011 में हुई थी.

CENSUS 2027.jpg (1)

देश में आखिरी बार जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी. (Photo: AI)

केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय जनगणना (Census 2027) की तिथियों का ऐलान कर दिया है. देशभर में जनगणना का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच संपन्न कराया जाएगा. प्रशासनिक कारणों और भौगोलिक परिस्थितियों के चलते बर्फीले क्षेत्रों और आगामी चुनाव वाले राज्यों को इस शेड्यूल से अलग रखा गया है. बता दें कि देश में आखिरी बार जनगणना 15 साल पहले वर्ष 2011 में हुई थी.

विज्ञापन

भारत में जनगणना का आयोजन ‘जनगणना अधिनियम, 1948’ और ‘जनगणना नियम, 1990’ के प्रावधानों के तहत किया जाता है. सरकार ने इस बार जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों की सूची पहले ही जारी कर दी थी.

विज्ञापन

जनगणना आयुक्त ने की घोषणा

पीटीआई के मुताबिक, भारत में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच जनगणना कराई जाएगी. हालांकि हिमपात प्रभावित और चुनावी क्षेत्रों में इस अवधि के दौरान यह प्रक्रिया नहीं की जाएगी. जनगणना आयुक्त ने शुक्रवार को यह घोषणा की. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च, 2027 की मध्यरात्रि 00:00 बजे होगी.

भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर (अगली घोषणा तक), गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख, तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिमपात प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर शेष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का कार्य किया जाएगा.

विज्ञापन

अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए ‘पुनरीक्षण चरण’ एक मार्च 2027 से पांच मार्च 2027 तक आयोजित किया जाएगा. इसमें कहा गया कि घर-घर जाकर जनगणना शुरू होने से ठीक पहले, 10 जनवरी 2027 से 24 जनवरी 2027 तक ‘स्व-गणना’ का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

2021 में कोरोना की वजह से टल गई थी जनगणना?

जैसा कि हमने पहले बताया कि देश में पिछली जनगणना 2011 में दो चरणों में पूरी की गई थी. इसके बाद 2021 की जनगणना को भी दो चरणों में आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, जिसका पहला चरण अप्रैल-सितंबर 2020 और दूसरा चरण फरवरी 2021 में होना तय था. इसके लिए जमीनी स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और 1 अप्रैल 2020 से फील्ड वर्क शुरू होना था. हालांकि, देश भर में फैले कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण इस पूरी प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया था.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ