नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में CBI ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्पेशल कोर्ट में बताया कि लातूर स्थित कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोतेगांवकर ने NTA पैनल में शामिल केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी से पेपर लीक करवाने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे. इतना ही नहीं, लातूर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस चलाने वाले मोतेगांवकर ने अपने बेटे को कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में एड्मिशन दिलवाया था, जहां से उन्हें लीक किया गया प्रश्नपत्र मिला.

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हाथ से लिखे सवालों के जवाब


CBI ने आरोप लगाया कि मोतेगांवकर ने दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले ही केमिस्ट्री के लीक हुए पेपर हासिल कर लिए थे और इसके एवज में अच्छी खासी कीमत चुकाई गई. जांच एजेंसी ने मोतेगांवकर की जमानत याचिका के जवाब में अदालत को बताया कि आरोपी ने कुलकर्णी की क्लास में मिले सवालों के आधार पर हाथ से नोट्स भी तैयार किए थे. CBI ने उसके मोबाइल फोन की जांच में 36 तस्वीरें बरामद कीं, जिनमें केमिस्ट्री के कुल 132 हाथ से लिखे सवाल पाए गए.

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अब तक 13 लोग गिरफ्तार


सीबीआई के मुताबिक इनमें से 111 सवाल NTA द्वारा तैयार किए गए ओरिजनल प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते पाए गए. जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि ये तस्वीरें मोतेगांवकर की ही राइटिंग में थीं, और फोन की मेटाडेटा जांच से पता चला कि ये तस्वीरें 3 मई को हुई परीक्षा से करीब दस दिन पहले खींची गई थीं. एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि लीक हुए प्रश्नों के लिए दी गई रकम सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरूरे के इशारे पर बरामद की गई है. आपको बता दें कि सीबीआई अब तक इस मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

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