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AAP-सपा और भीम आर्मी पर बड़ा एक्शन, तीनों राजनीतिक दलों पर FIR दर्ज, CJP के संसद मार्च में हिंसा भड़काने के आरोप

आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और भीम आर्मी पर प्रदर्शनकारी छात्रों को भड़काकर हिंसा कराने के आरोप लगे हैं. दिल्ली पुलिस ने तीनों राजनीतिक दलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

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20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हिंसक टकराव हुआ था.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (SP) और भीम आर्मी के खिलाफ संसद मार्ग थाने में एक FIR दर्ज की है. तीनों राजनीतिक दलों पर छात्रों को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है. संसद मार्च पर प्रोटेस्ट में हिंसा छात्रों के आक्रोश का नहीं, बल्कि तीनों राजनीतिक दलों की साजिश का परिणाम थी. हिंसा असामाजिक तत्वों ने की थी, जो विरोध प्रदर्शन में शामिल थे. जल्दी ही नोटिस भेजकर तीनों दलों के नेताओं को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है.

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इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है केस

दिल्ली पुलिस की जांच में यह सच सामने आया है. आरोपों की जांच स्पेशल सेल करेगी. संसद मार्ग थाने के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को आरोपों की जांच सौंपी गई है. संसद मार्ग थाने में FIR इंस्पेक्टर इंद्रजीत की शिकायत पर BNS की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 61 (आपराधिक साजिश), 191 (2,3) (दंगा और घातक हथियारों से लैस होना), 181 (गैर-कानूनी सभा), 121 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए गंभीर चोट पहुंचाना), आर्म्स एक्ट की धारा 25(1एबी) (बलपूर्वक पुलिस का हथियार छीनना) और दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 3 सहित कई अन्य धाराएं जोड़ी गई हैं.

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हिंसा मामले में अब तक कुल 21 केस दर्ज

सूत्रों के अनुसार, संसद मार्च में हुई हिंसा के खिलाफ संसद मार्ग थाने में कुल 21 मामलों में FIR दर्ज हुई हैं. लेकिन इस FIR में राजनीतिक दलों के इशारे पर अराजक तत्वों के द्वारा हिंसा किए जाने के आरोप हैं. भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की 15 गंभीर धाराएं भी इस केस में आरोपियों के खिलाफ लगाई गई हैं. अब पुलिस CCTV फुटेज में उपद्रवियों की पहचान कर रही है. 16 मई को CJP का गठन होने के बाद 20 जुलाई की सुबह तक आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़ को संबोधित किया था.

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नेताओं के उकसाने पर आक्रामक हुई भीड़

आरोप हैं कि नेताओं के उकसाने पर भीड़ आक्रामक हो गई और पुलिस के सुरक्षा इंतजामों को तोड़कर उपद्रव मचाया. पुलिस वालों पर हमला किया और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा को लेकर जितने भी वीडियो, CCTV फुटेज और डॉक्यूमेंट हाथ लगे, उनमें स्पष्ट हो गया है कि संसद मार्च में हिंसा के पीछे बड़ी आपराधिक साजिश और संगठित योजना थी, जिसे अंजाम देने के लिए अराजक तत्वों को फंड दिया गया था. भीड़ को उकसाते हुए कहा गया कि लाठी-डंडों और पत्थरों से वार करो, जीत तभी मिलेगी, जब पुलिस वालें हटेंगे और इसके लिए हमला करना होगा.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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