कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (SP) और भीम आर्मी के खिलाफ संसद मार्ग थाने में एक FIR दर्ज की है. तीनों राजनीतिक दलों पर छात्रों को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है. संसद मार्च पर प्रोटेस्ट में हिंसा छात्रों के आक्रोश का नहीं, बल्कि तीनों राजनीतिक दलों की साजिश का परिणाम थी. हिंसा असामाजिक तत्वों ने की थी, जो विरोध प्रदर्शन में शामिल थे. जल्दी ही नोटिस भेजकर तीनों दलों के नेताओं को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है.
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इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है केस
दिल्ली पुलिस की जांच में यह सच सामने आया है. आरोपों की जांच स्पेशल सेल करेगी. संसद मार्ग थाने के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को आरोपों की जांच सौंपी गई है. संसद मार्ग थाने में FIR इंस्पेक्टर इंद्रजीत की शिकायत पर BNS की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 61 (आपराधिक साजिश), 191 (2,3) (दंगा और घातक हथियारों से लैस होना), 181 (गैर-कानूनी सभा), 121 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए गंभीर चोट पहुंचाना), आर्म्स एक्ट की धारा 25(1एबी) (बलपूर्वक पुलिस का हथियार छीनना) और दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 3 सहित कई अन्य धाराएं जोड़ी गई हैं.
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हिंसा मामले में अब तक कुल 21 केस दर्ज
सूत्रों के अनुसार, संसद मार्च में हुई हिंसा के खिलाफ संसद मार्ग थाने में कुल 21 मामलों में FIR दर्ज हुई हैं. लेकिन इस FIR में राजनीतिक दलों के इशारे पर अराजक तत्वों के द्वारा हिंसा किए जाने के आरोप हैं. भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की 15 गंभीर धाराएं भी इस केस में आरोपियों के खिलाफ लगाई गई हैं. अब पुलिस CCTV फुटेज में उपद्रवियों की पहचान कर रही है. 16 मई को CJP का गठन होने के बाद 20 जुलाई की सुबह तक आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़ को संबोधित किया था.
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नेताओं के उकसाने पर आक्रामक हुई भीड़
आरोप हैं कि नेताओं के उकसाने पर भीड़ आक्रामक हो गई और पुलिस के सुरक्षा इंतजामों को तोड़कर उपद्रव मचाया. पुलिस वालों पर हमला किया और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा को लेकर जितने भी वीडियो, CCTV फुटेज और डॉक्यूमेंट हाथ लगे, उनमें स्पष्ट हो गया है कि संसद मार्च में हिंसा के पीछे बड़ी आपराधिक साजिश और संगठित योजना थी, जिसे अंजाम देने के लिए अराजक तत्वों को फंड दिया गया था. भीड़ को उकसाते हुए कहा गया कि लाठी-डंडों और पत्थरों से वार करो, जीत तभी मिलेगी, जब पुलिस वालें हटेंगे और इसके लिए हमला करना होगा.
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