महुआ मोइत्रा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की पुलिस में शिकायत, विपक्ष संसद में ला सकता है महाभियोग
Mahua Moitra: चीफ इंलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार एसआईआर और चुनावी गड़बड़ी के आरोपों में घिरते जा रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने नई दिल्ली से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.
Mahua Moitra Complaint Against Gyanesh Kumar: टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को कहा कि उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. मोइत्रा चुनाव आयोग के कामकाज में आपराधिक आचरण का आरोप लगाया. उनका ये आरोप ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आया, जिसमें बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में चुनाव आयोग के फैसलों और कार्यों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी.
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सेंट्रलाइज्ड वोटर डेटाबेस को लेकर आरोप
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि 3 सदस्यीय चुनाव आयोग का मकसद संस्थागत चेक एंड बायलेंस बनाए रखना है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि संधू और जोशी कई मौकों पर कुमार के फैसलों से असहमत थे. उन्होंने खास तौर पर सेंट्रलाइज्ड वोटर लिस्ट सॉफ्टवेयर से जुड़ी चिंताओं का जिक्र किया. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों चुनाव आयुक्तों ने वोटर डेटाबेस पर नियंत्रण के केंद्रीकरण और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) जैसे जमीनी स्तर के अधिकारियों की पहुंच के बारे में चिंता जताई थी.
Gyanesh Chor Kumar is rogue agent who acted without consent of other 2 ECs. Disenfranchising genuine voters is not official duties. He cannot enjoy immunity. He needs to be prosecuted. Simple. pic.twitter.com/YKFp8OgV5h
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि आई सिस्टम का इस्तेमाल निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर वोटर लिस्ट बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दरकिनार करने के लिए किया जा रहा था. इन आरोपों को लगाते हुए उन्होंने ECI की डायरेक्टर जनरल (IT) सीमा खन्ना का भी नाम लिया.
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VIDEO | TMC MP Mahua Moitra says, "I have come today to the Parliament Street Police Station to file a complaint against Gyanesh Kumar, the Chief Election Commissioner of India, who has indulged in criminal conduct. What is the criminal conduct? The Election Commission is made up… pic.twitter.com/V7wGKmuIIG
महुआ मोइत्रा ने फॉर्म 6 में किए गए कथित बदलाव की भी आलोचना की. इस फॉर्म का इस्तेमाल नए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोग करते हैं. उन्होंने दावा किया कि बिना जरूरी नियमों में बदलाव किए ही फॉर्म में एक सवाल जोड़ा गया था कि क्या आवेदक या उनके माता-पिता या दादा-दादी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़े थे. रिपोर्ट किया कि संधू और जोशी ने फॉर्म 6 और वोटर लिस्ट से जुड़ी दूसरी प्रक्रियाओं में बदलाव पर आपत्ति जताई थी.
मोइत्रा ने आगे आरोप लगाया कि इस प्रॉसेस के कारण बड़ी तादाद में लोग वोटर लिस्ट से बाहर रह गए. उन्होंने देशभर में SIR एक्सरसाइड के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए जाने की रिपोर्ट का हवाला दिया. उन्होंने तर्क दिया कि अगर परिवार के रिकॉर्ड अफेक्ट होते हैं, तो इसका खामियाजा उन युवाओं तक भी पहुंच सकते हैं जो भविष्य में वोट देने के लिए एलिजिबल होंगे. मोइत्रा ने कहा कि उनकी नजर में ये हरकतें क्रिमनल कंडक्ट के दायरे में आती हैं और उन्होंने तर्क दिया कि अधिकारी ‘चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर्स एक्ट, 2023’ की धारा 16 के तहत सुरक्षा का दावा नहीं कर सकते.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी?
सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि ‘इंडिया’ गठबंधन की पार्टियां चीफ इलेक्श कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही हैं. ये कदम चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रॉसेस को लेकर बढ़ते विवाद के बीच उठाया जा रहा है. ये जानकारी तब सामने आई है जब ऐसी खबरें हैं कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई मौकों पर चुनाव आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताई थी.