महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत हो गई थी. उस हादसे के 6 महीने बाद महाराष्ट्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये में एयरपोर्ट का नवीनीकरण करने की योजना बनाई है. सरकार के प्रस्ताव को 2 हफ्ते पहले महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) ने मंजूरी दे दी थी, जो प्रदेश में छोटे एयरपोर्ट को मैनेज करने वाली सरकारी एजेंसी है. इसके बाद पिछले बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (विमानन) संजय सेठी ने भी इसे मंजूरी दे दी और अब राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी का इंतजार है.

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90 के दशक में शरद पवार ने बनवाया था एयरपोर्ट

बता दें कि अजीत पवार और 4 अन्य लोगों की 28 जनवरी को उस समय मौत हो गई थी, जब मुंबई से उन्हें बारामती ले जा रहा चार्टर्ड विमान सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पायलट ने लेयरजेट-45 विमान को उतारने का प्रयास किया था, लेकिन वह नाकाम रहा. यह एयरपोर्ट पवार परिवार ने 90 के दशक में बनवाया था. उस समय के मुख्यमंत्री शरद पवार ने बारामती में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट बनवाया. शरद पवार ने बारामती को एक ग्रामीण पिछड़े इलाके से औद्योगिक और शैक्षिक केंद्र में बदला, लेकिन बारामती एयरपोर्ट की उपेक्षा होती रही.

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एयरपोर्ट के अंदर ही दो प्राइवेट एयर ट्रेनिंग स्कूल

बारामती एयरपोर्ट की 1600 मीटर एवं 30 मीटर छोटी हवाई पट्टी का इस्तेमाल अब तक पवार परिवार, सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों के द्वारा ही किया जाता था. लेकिन एयरपोर्ट के चारों ओर बाड़ नहीं है तो जानवर और आवारा कुत्ते एयरपोर्ट में घुस आते हैं. यहां 2 प्राइवेट एयर ट्रेनिंग स्कूल हैं, जो पायलटों को इसी एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण देते हैं. इस एयरपोर्ट पर कोई एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) कर्मचारी नहीं हैं. ऐसे में एयर ट्रेनिंग के लिए स्कूलों स्टूडेंट्स ही ATC यूनिट में काम करते हैं. बारामती एयरपोर्ट पर अब तक महीने में केवल 10 से 12 VVIP फ्लाइट ही टेकओवर और लैंड होती हैं.

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