चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने दिल्ली में लगातार हो रहे बड़े धरना-प्रदर्शनों के कारण व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़े गंभीर असर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मांग की है कि केंद्र सरकार बातचीत के जरिए इस मुद्दे का शीघ्र समाधान निकाले क्योंकि दिल्ली में जहां रोजाना लगभग 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है उसमें लगभग 70% की गिरावट आई है.
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पिछले 5 दिनों में दिल्ली के व्यापार का नुकसान
CTI के द्वारा दिल्ली के प्रमुख बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट से ली गई जानकारी के अनुसार, पिछले 5 दिनों में दिल्ली में लगभग 1500 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है. दिल्ली के बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों की संख्या में 70% की गिरावट दर्ज की गई है.
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दिल्ली के बाहर से रोजाना खरीददारी के लिए आने वाले लगभग 3 लाख लोग इस समय दिल्ली नहीं पहुंच रहे हैं. सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. जंतर मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में जाम के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं.
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CTI का बड़ा कार्यक्रम भी करना पड़ा स्थगित
धरना-प्रदर्शन और जाम के कारण CTI का 25 जुलाई को NDMC कन्वेंशन सेंटर में होने वाला व्यापारी सम्मेलन भी स्थगित करना पड़ा है. इस सम्मेलन में देशभर से 2000 से अधिक व्यापारी शामिल होने वाले थे.
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CTI ने पत्र में प्रधानमंत्री से की हैं 2 मुख्य मांगें
केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों से तुरंत बातचीत कर जंतर मंतर पर धरना जल्द खत्म कराए. जंतर मंतर और प्रमुख सरकारी/व्यावसायिक क्षेत्रों में 1000 से अधिक लोगों के प्रदर्शन पर रोक लगे. बाहरी दिल्ली में एक स्थायी धरना-प्रदर्शन स्थल आवंटित किया जाए. CTI को उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेगी और दिल्ली के व्यापारियों को राहत मिलेगी.