महाराष्ट्र का बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंच गया है। बीते दिन केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई। केतन के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी केतन की हत्या पर शोक जताया और पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार केतन के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हरसंभव मदद करेगी।
क्या सिया को नहीं होगी सजा? ‘जुर्म करते किसने देखा…’, केतन मर्डर केस में मंगेतर के वकील का बड़ा दावा
निकम ने की केस टेकओवर करने की पुष्टि
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को केतन का वकील नियुक्त करने की मांग भी स्वीकार कर ली। वहीं केस की पैरवी को लेकर उज्ज्वल निकम का बयान भी आ गया है। उन्होंने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार दोपहर को उन्हें फोन किया और केतन अग्रवाल हत्याकांड में अभियोजन पक्ष का जिम्मा संभालने को कहा। पीड़ित परिवार की मांग पर ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने उन्हें नियुक्त किया है।
उज्ज्वल निकम ने कहा कि अभी मामले और इससे जुड़े तथ्यों की पूरी जानकारी नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दायर नहीं की है। चार्जशीट दायर होने के बाद मेरा काम शुरू होगा। इसलिए जांच और केस पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। चार्जशीट दायर होने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। फिलहाल मीडिया से ही केस की जानकारी मिल रही है और जल्दी ही पीड़ित परिवार से मुलाकात करके औपचारिकताएं पूरी करुंगा।
वकील और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम
बता दें कि उज्ज्वल निकम देश के मशहूर और वरिष्ठ वकील, विशेष लोक अभियोजक और राजनेता हैं। आतंकवाद और गंभीर आपराधिक मामलों में वे केंद्र और राज्य सरकारों (अभियोजन पक्ष) की तरफ से पैरवी करते हैं। उन्हें 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई है।
लोकसभा चुनाव 2024 में मुंबई उत्तर मध्य से उन्हें BJP ने चुनाव उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे हार गए थे। फिर भी कानून और न्याय के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान, हाई-प्रोफाइल क्रिमिनल और आतंकवाद से जुड़े मामलों में लोक अभियोजक के रूप में उनकी भूमिका को देखते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें साल 2025 में राज्यसभा के लिए मनोनीत करके सम्मानित किया था।
आतंकवादी कसाब को दिलाई फांसी की सजा
उज्ज्वल निकम ने 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले के आरोपी अजमल आमिर कसाब को फांसी की सजा दिलाई थी। उन्होंने इस मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक के रूप में पैरवी की थी। उन्होंने कसाब के खिलाफ CCTV फुटेज, DNA रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और अन्य सबूतों के आधार पर कसाब को दोषी ठहरवाया और फांसी की सजा दिलाकर पीड़ितों को इंसाफ दिलाया। 21 नवंबर 2012 को मुंबई की यरवडा जेल में कसाब को फांसी पर लटकाया गया था।
उज्ज्वल निकम अपने 30 साल के करियर में बॉलीवुड फिल्म निर्माता गुलशन कुमार की हत्या (1997), मरीन ड्राइव बलात्कार (2005), खैरलांजी नरसंहार (2006), प्रमोद महाजन हत्याकांड (2006), शक्ति मिल्स सामूहिक बलात्कार (2013), पल्लवी पुरकायस्था हत्याकांड (2013), प्रीति राठी हत्याकांड (2013), कोपर्डी बलात्कार और हत्याकांड (2016), मोहसिन शेख हत्याकांड (2014), 1991 कल्याण बम विस्फोट, 1993 बॉम्बे बम धमाके, 2003 गेटवे ऑफ इंडिया बम धमाका, 2008 मुंबई आंतकी हमले की पैरवी करके पीड़ितों को इंसाफ दिला चुके हैं।
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