हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

डेटिंग के फैसले पर 'सुप्रीम' आपत्ति के बाद अब खुलकर बोले रिटायर्ड जज, बेटी होती तो भी...

High Court Retired Judge Reaction: कोलकाता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज ने लड़कियों की डेटिंग और शारीरिक संबंध बनाने वाले अपने फैसले पर खुलकर बात की है। उन्होंने अपने बयान को सही ठराया और कहा कि वे अपनी बेटी को भी यही सलाह देते।

विज्ञापन
रिटायर्ड जज ने अपने फैसले को सही ठहराया है।

Reaction on Physical Relations With Boy Friend: अपनी यौन इच्छाओं को नाबालिग लड़कियों को कंट्रोल करना चाहिए। जब वे डेट पर जाएं तो उन्हें शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिएं। यह कहना है कोलकाता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज चितरंजन दास का, जिन्होंने ऐसे एक केस में अहम फैसला दिया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी, लेकिन अब उन्होंने अपने इस फैसले पर खुलकर बात की है। उनका कहना है कि सिर्फ देशभर की नाबालिग लड़कियों से ही नहीं, अपनी बेटी से भी यही कहता कि लड़कों से मिलो, लेकिन शारीरिक संबंध नहीं बनाओ। अपनी यौन इच्छाओं को दबाकर रखना चाहिए। उनके एक समय होता है। जब तक वह सही समय नहीं आता, तब तक लड़कियों को अपने शरीर और इज्जत की रक्षा खुद करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें:बर्तन धोने टॉयलेट साफ करने वाला 3 लाख करोड़ का मालिक है आज; रेस्टोरेंट से शुरुआत करके ऐसे रचा इतिहास

अक्टूबर 2023 में दिया गया था फैसला

चितरंजन दास ओडिशा हाईकोर्ट में भी सेवाएं दे चुके हैं। चितरंजन दास का कहना है कि शारीरिक संबंध 2 मिनट का सुख हो सकता है, लेकिन इस सुख के कारण सोसायटी लड़कियों को कठघरे में खड़े कर देती है। चितरंजन ने अक्टूबर 2023 में फैसला देते हुए यह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़कियों की खुद को लेकर कुछ ड्यूटी होती है। उन्होंने अपने शरीर, इज्जत और सेल्फ रिस्पेक्ट का खुद की ध्यान रखना होगा। इसके लिए उन्हें यौन इच्छाएं दबानी चाहिएं। लिंगभेद से हटकर खुद को जिंदगी में आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि जब किसी कारण से घर की बेटी को झुकना पड़ता है तो पूरे परिवार को झुकना पड़ता है। इसलिए लड़कियां अपनी यौन इच्छाओं का खुद ध्यान रखें। अगर वे खुद को कंट्रोल करेंगी तो परिवार को भी शर्मिंदा नहीं होना पड़ेगा।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें:गर्भवती महिलाओं के लिए खजाना खुला, मोदी सरकार देगी इतने हजार रुपये, जानें कैसे करें अप्लाई?

भारतीय समाज की सच्चाई से वाकिफ कराया

चितरंजन दास ने बार एंड बेंच के साथ बातचीत करते हुए अपने बयान पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके फैसले पर आपत्ति जताई थी और कहा कि इस तरह के फैसले गलत मैसेज देते हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जो सिफारिश की गई थी, उससे वे सहमत नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट नाबालिग लड़के-लड़कियों को शारीरिक संबंध बनाने का अधिकार देने का पक्षधर है, लेकिन भारतीय समाज में यह संभव नहीं है। भारतीय मान्यताओं को देखते हुए ही लड़कियों को यौन इच्छाएं दबाने की सलाह दी गई है। भारतीय समाज की यही सच्चाई है और उन्होंने काफी रिसर्च करने के बाद ही यह फैसला दिया था। इसी समाज में रहता हूं तो अपनी बेटी के लिए भी उनकी यही सलाह होगी। खुद को पीड़िता के पिता की जगह रखकर महसूस करने के बाद ही उन्होंने फैसला दिया।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें:केजरीवाल की हेल्थ पर जेल से आया अपडेट; जानें क्या है दिल्ली CM की तबियत का सच?

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola