पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन और अमरनाथ यात्रा को फिर से रफ्तार देने के लिए होटल, ट्रैवल और टैक्सी उद्योग ने बड़ा कदम उठाया है. कश्मीर के मुख्य पर्यटन संगठनों ने अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को 50 से 65 प्रतिशत तक की विशेष छूट देने का ऐलान किया है. इस पहल का मकसद श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत करना, यात्रा को ज्यादा किफायती बनाना और घाटी में पर्यटन को फिर से बढ़ावा देना है. होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंसियों और टैक्सी ऑपरेटरों ने मिलकर ये राहत योजना शुरू की है, जो अमरनाथ यात्रा खत्म होने तक लागू रहेगी.

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होटल बुकिंग में भी मिलेगी छूट

जम्मू-कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (JKHARA) और जम्मू-कश्मीर होटलियर्स क्लब ने बताया कि यात्रा के दौरान होटल कमरों के किराए में भारी कटौती की जाएगी. इसके अलावा ट्रैवल पैकेज और टैक्सी सेवाओं पर भी खास रियायतें दी जाएंगी. एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ये कदम सिर्फ व्यापारिक फायदे के लिए नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना से उठाया गया है. उनका मानना है कि कम खर्च में यात्रा की सुविधा मिलने से देशभर के ज्यादा लोग अमरनाथ यात्रा के लिए प्रेरित होंगे.

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हमले के बाद प्रभावित हुआ था पर्यटन

पहलगाम हमले के बाद पिछले साल अमरनाथ यात्रा और नॉर्मल टूरिज्म दोनों पर असर पड़ा था. सुरक्षा चिंताओं की वजह से कई श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी या उसे आगे बढ़ा दिया था. इसका सीधा असर होटल बिजनेस, ट्रांसपोर्ट सर्विस और लोकल कारोबार पर पड़ा था. पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के मुताबिक, पिछले साल यात्रियों की संख्या में आई कमी की वजह से कई व्यवसायों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. हालांकि इस साल हालात बेहतर दिखाई दे रहे हैं और यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी देखी जा रही है.

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सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत

सरकार ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. यात्रा मार्गों पर एक्सट्रा सुरक्षा बलों की तैनाती, कड़ी निगरानी, गश्त और सीक्रेट कॉर्डिनेशन को मजबूत किया गया है. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. सरकारी अधिकारियों ने पर्यटन उद्योग की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा और घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद मिलेगी. अमरनाथ यात्रा मार्ग के आसपास के दुकानदार, टैक्सी ड्राइवर्स और छोटे कारोबारी इस प्लान से काफी उत्साहित हैं. उनका मानना है कि अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो पिछले साल हुए नुकसान की भरपाई मुमकिन हो सकेगी.

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