Karnataka police head constable thief planned steal passengers luggage: कर्नाटक के बेंगलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकार आप कहेंगे कि जिसके हाथ में सुरक्षा की कमान हो अगर वो अपराध करने लग जाए तो फिर उम्मीद किससे की जाएगी। दरअसल, यहां के चिक्काबल्लापुरा रेलवे पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबल ने यात्रियों के सामानों को चोरी करने के लिए चोर से साठगांठ की। ताकि वह जुए में हारे गए पैसों की भरपाई कर सके। पुलिस में चोरी की कई शिकायतें दर्ज होने के बाद 37 वर्षीय हेड कांस्टेबल सिद्धारमा रेड्डी और उसके सहयोगी चोर को गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित महिला ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
दरअसल, रेलवे पुलिस ने यात्रियों की शिकायतों के बाद विशेष टीम का गठन किया था, रेड्डी की संलिप्तता तब सामने आई जब केरल के त्रिशूर से बेंगलुरु की यात्रा कर रही 42 वर्षीय महिला यात्री उषा ने बयप्पनहल्ली ने पुलिस से शिकायत की कि उसका सामान ट्रेन से खो गया है। जब वह सो रही थी तब उसका सामान गायब हो गया। प्रारंभिक जांच से पता चला कि जुए में हुए नुकसान की भरपाई के लिए पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर कीमती सामान चुराया। पुलिस गश्ती दल में से एक ने देखा कि एक व्यक्ति अक्सर चिक्कबल्लापुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर बैठा रहता था, पुलिस ने शक के आधार पर उससे पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने उसकी पहचान 38 वर्षीय सबन्ना के रूप में की, जो 2012 से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने कहा कि आगे पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रेड्डी का नाम लिया।
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एक वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारी को सबन्ना ने बताया कि पुलिस हेड कांस्टेबल उसे बताता था कि ट्रेनों में किसका सामान चोरी करना है। वहीं, हेड कांस्टेबल सिद्धारम रेड्डी बेंगलुरु में अपने वाहन में सबन्ना के चोरी करने और उसके साथ शामिल होने का इंतजार करता था। एक बार जब सबन्ना ने सामान चुरा लिया, तो वे लोग लूट का सामान आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे।
दोनों मिलीभगत कर देते थे चोरी को अंजाम
अधिकारी ने आगे कहा कि रेड्डी चिक्काबल्लापुरा में ट्रेनों में चढ़ते थे और यात्रियों की पहचान करते थे। एक बार लक्ष्य की पहचान हो जाने के बाद, वह कोच और बर्थ नंबर की जानकारी सबन्ना को दे देता था। इसके बाद वे सामान चुरा लेते था और उन्हें रेड्डी के वाहन में ले जाते थे, जहां वे कीमती सामान के लिए बैग की जांच करते थे और आपस में बांट लेते थे।
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रेलवे पुलिस ने कहा कि 2011 बैच के रेलवे पुलिस कांस्टेबल रेड्डी ने रायचूर से बयप्पनहल्ली ट्रांसफर करने की मांग की और चिक्काबल्लापुरा चौकी से काम करने का विकल्प चुना। उन्हें शुक्रवार, 3 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि जुए में पैसा हारने के बाद रेड्डी और सबन्ना दोनों गहरे कर्ज में डूब गए थे। उन्होंने अपने वित्तीय संकट से निपटने के लिए यात्रियों के कीमती सामान चुराने का फैसला किया। रेड्डी को विभागीय जांच लंबित रहने तक सेवा से निलंबित कर दिया गया है। जांच के नतीजों के आधार पर, रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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