कटहल की सब्जी हर घर में बनाई जाती है, जिसके छिलके फेंक दिए जाते हैं. ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसके छिलके किसी काम नहीं आ सकते लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी राउरकेला के प्रोफेसर ने कटहल के छिलकों के इस्तेमाल को लेकर नई खोज की है. एक ऐसी किफायती तकनीक के बारे में पता लगाया है जो कटहल के छिलके की मदद से सिर्फ 10 मिनट में पानी से 90 प्रतिशत से ज्यादा फ्लोराइड को खत्म कर देगा. इस खोज को बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है.
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कटहल के छिलकों से क्या हो सकता है?
कटहल भारत में खूब पसंद किया जाने वाला फल है. इसका इस्तेमाल सब्जी, अचार और कई दूसरे व्यंजन बनाने में किया जाता है. हालांकि, फल को तैयार करने के दौरान बड़ी मात्रा में छिलके निकलते हैं, जिन्हें अक्सर फेंक दिया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि छिलकों का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है. NIT राउरकेला ने भी यह समझने की कोशिश कि कटहल के छिलकों का इस्तेमाल पानी को शुद्ध करने के लिए किया जाए. इसलिए कृषि अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने वाले इस खास नवाचार को पेटेंट भी मिल चुका है.
क्यों खास है यह शोध?
आज के समय में खाद्य पदार्थों से निकलने वाले कचरे का मैनेजमेंट काफी मुश्किल हो गया है. फलों और सब्जियों के छिलकों का इस्तेमाल पर्यावरण के लिहाज से करना फायदेमंद हो सकता है. इस तरह के शोध से जैविक कचरे का कम इस्तेमाल किया जाएगा और टिकाऊ तकनीकों को विकसित करने के नए रास्ते खुल जाएंगे.
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
कटहल के छिलकों का इस्तेमाल अगर बड़े स्तर पर किया जाए, तो इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निकलने वाले जैविक कचरे का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकता है. हालांकि, शोध में इसके इस्तेमाल, उसकी लागत और दूसरे तरीकों पर बात की जानी बाकी है.
पानी को शुद्ध करने के लिए किया जाएगा इस्तेमाल
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पीने के पानी में फ्लोराइड की ज्यादा मात्रा इंसान की हेल्थ के लिए ठीक नहीं है. इसके कारण बच्चों और लोगों के दंत फ्लोरोसिस और हड्डियों की बीमारी जैसी गंभीर समस्याएं हो जाती हैं. इसलिए पानी को शुद्ध करने के लिए कई तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस दौरान ढेर सारा पानी बेकार जाता है. इसलिए एनआईटी राउरकेला के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग की प्रोफेसर सुस्मिता मिश्रा और शोधार्थी डॉ. प्रतिमा मिंज की टीम ने इस अनूठी तकनीक को ईजाद किया है.
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Source- PIB
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