लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के काफिले का उत्तर प्रदेश में एक्सीडेंट हो गया है. आज सुबह लखनऊ एयरपोर्ट से सुल्तानपुर जाते समय उनके काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गईं. हादसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के जख्मी होने की खबर है, वहीं 5 गाड़ियां और एक एंबुलेंस डैमेज हुई है. हादसा लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 91 किमी माइलस्टोन के पास हुआ और हादसास्थल हलियापुर थाना क्षेत्र के तहत आता है. राहुल गांधी सुरक्षित हैं, लेकिन काफिले की गाड़ियां आपस में कैसे टकराईं, अभी तक इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है.
आज सुल्तानपुर कोर्ट में है राहुल गांधी की पेशी
बता दें कि उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर कोर्ट में साल 2018 से राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस चल रहा है. राहुल गांधी पर BJP के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है, जिसकी शिकायत करते हुए स्थानीय भाजपा नेता ने केस दर्ज कराया था. इसी केस में आज फैसला आना है और राहुल MP/MLA कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचना है. इस दौरान लखनऊ एयरपोर्ट से सुल्तानपुर कोर्ट जाते समय पूर्वांचल एक्सप्रेस पर उनके काफिल का एक्सीडेंट हो गया, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है.
बता दें कि MP/MLA कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने पक्ष और विपक्ष की दलीलों को सुनकर फैसला सुरक्षित कर लिया था. मामला साल 2018 का है और राहुल गांधी पर बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है. पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने आपत्ति जताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ केस किया था. सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ सुल्तानपुर कोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की थी, जिस पर फैसला आना है.
फरवरी 2024 से जमानत पर हैं राहुल गांधी
राहुल गांधी को भी कोर्ट ने 16 दिसंबर 2023 को समन भेजकर तलब किया था. इस दिन राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और फरवरी 2024 में सुल्तानपुर की विशेष अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी. राहुल गांधी ने मानहानि के आरोपों से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया. बयान और सबूतों की कार्यवाही पूरी होने क बाद मामले में अंतिम बहस हुई और फैसला सुरक्षित रख लिया गया. विजय मिश्रा ने मामले में राहुल गांधी के वॉयस सैंपल की जांच कराने की मांग भी की थी. लेकिन ट्रायल कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी. सेशन कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी वॉयस सैंपल की जांच कराने की मांग वाली याचिका को खारिज करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी.