हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

रॉकेट हो या ड्रोन, सबका इलाज है 'आयरन डोम', इजरायल के ऑफर से चीन-पाक की बढ़ी टेंशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से इजरायल के ऐतिहासिक दौरे पर हैं. इस दौरान इजरायल ने भारत को अपनी अचूक ‘आयरन डोम’ तकनीक देने की पेशकश की है, जो रक्षा और तकनीक में नए युग की शुरुआत होगी.

विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज से शुरू होने वाली दो दिवसीय इजरायल यात्रा न केवल कूटनीतिक रूप से बल्कि रक्षा और तकनीक के लिहाज से भी एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है. इजरायल ने भारत को अपना विश्व प्रसिद्ध ‘आयरन डोम’ (Air Defence System) तकनीक देने की पेशकश की है.

इजरायल का आयरन डोम दुनिया का सबसे भरोसेमंद और ताकतवर मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है. इसे इजरायल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम और एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने मिलकर तैयार किया है. यह सिस्टम मुख्य रूप से कम दूरी के रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही ढूंढकर नष्ट करने के लिए बनाया गया है. इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका स्मार्ट रडार है, जो केवल उन्हीं खतरों पर हमला करता है जो रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहे हों. अगर कोई रॉकेट खाली मैदान में गिरने वाला होता है, तो यह उसे छोड़ देता है ताकि कीमती मिसाइलों की बचत हो सके. इजरायल का दावा है कि युद्ध के मैदान में इसका सक्सेस रेट 90 फीसदी से भी ज्यादा है.

आयरन डोम की ताकत क्या है?

आयरन डोम की हर यूनिट में एक रडार, एक कंट्रोल सेंटर और एक लॉन्चर होता है जिसमें करीब 20 तमीर इंटरसेप्टर मिसाइलें तैनात रहती हैं. यह सिस्टम हर मौसम में काम करने में सक्षम है, चाहे दिन हो या रात या फिर खराब मौसम, इसका निशाना कभी नहीं चूकता. गाजा और लेबनान से आने वाले हजारों रॉकेटों को गिराकर इसने अपनी ताकत पूरी दुनिया को दिखाई है. अब इसका और भी आधुनिक वर्जन तैयार किया जा रहा है ताकि एक साथ आने वाले दर्जनों ड्रोन को पलक झपकते ही ढेर किया जा सके. छोटे ड्रोन और तोप के गोलों के खिलाफ भी यह काल बनकर उभरता है, जिससे आबादी वाले इलाकों की सुरक्षा पूरी तरह पक्की हो जाती है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: NCERT में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, CJI सूर्यकांत ने कही कार्रवाई की बात

आयरन डोम की कीमत कितनी है?

बेहद असरदार होने के बावजूद आयरन डोम सिस्टम काफी महंगा पड़ता है. इसकी सिर्फ एक इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत करीब 40 से 50 हजार डॉलर के बीच होती है, जबकि पूरी एक यूनिट यानी बैटरी की कीमत 10 करोड़ डॉलर तक जा सकती है. जानकारों का मानना है कि भारत को इसे अपनाते समय बजट का ध्यान रखना होगा. भारत के लिए ‘आयरन बीम’ जैसा सस्ता विकल्प भी एक अच्छा रास्ता हो सकता है, जो लेजर तकनीक पर आधारित है और एक शॉट में बहुत कम खर्चा आता है. फिर भी, चीन और पाकिस्तान के बढ़ते ड्रोन खतरों के बीच इजरायल का यह ऑफर भारत की सुरक्षा रणनीति को एक नई और अभेद्य मजबूती दे सकता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola