हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

BRICS से पहले ईरान ने की 'पुराने दोस्त' की तारीफ, चाबहार पोर्ट पर दिखाई हरी झंडी; टेंशन में आए पाक-चीन

भारत और ईरान के रिश्ते फिर से पनपने लगे हैं और चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को भारत के लिए ईरान ने फिर से हरी झंडी दे दी है. बिश्केक में मोदी-पेजेश्कियान की मुलाकात के बाद ईरान ने भारत से संबंधों की सराहना की और ब्रिक्स में संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई.

विज्ञापन
अमेरिका के कारण भारत-ईरान में चाबहार पोर्ट को लेकर तनाव आ गया था. (Credit-X)

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जंग के चलते भारत और ईरान के रिश्तों में तनाव आया था. अमेरिका ने भारत-ईरान के चाबहार पोर्ट पर आपत्ति जताते हुए दोनों देशों पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी, इसलिए भारत ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर काम करना बंद कर दिया था, लेकिन अब चाबहार पोर्ट को लेकर ईरान ने फिर से हरी झंडी दे दी है.

भारत की दबाव के आगे न झुकने की नीति के चलते ईरान-भारत के रिश्ते फिर से गहरे होने लगे हैं. विशेषकर ब्रिक्स समिट से पहले बिश्केक में SCO समिट में 31 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की मुलाकात ने रिश्तों को मजबूती मिली. अब ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बगेई ने कहा है कि ईरान के अपना पुराना दोस्त वापस मिल गया है और भविष्य में रिश्ते और बढ़ेंगे. मुलाकात और बयान से पाकिस्तान और चीन की टेंशन बढ़ सकती है.

चाबहार पोर्ट पर मोदी-पेजेश्कियान में चर्चा हुई थी

ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर ट्वीट करके बताया कि भारत और ईरान के बीच चाबहार पोर्ट समेत कई रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत हुई है. किर्गिस्तान के बिश्केक में 31 अगस्त को SCO समिट में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्किान की मुलाकात में समुद्री सहयोग और होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा हुई. साथ ही चाबहार पोर्ट के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई. चाबहार पोर्ट भारत को पाकिस्तान को बाईपास करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ता है.

विज्ञापन

लेकिन अमेरिका के प्रतिबंधों और पश्चिम एशिया में संकट के कारण प्रोजेक्ट अनिश्चित है. फिर भी वहां भारत के द्वारा निर्मित शाह बेहिश्ती टर्मिनल के जरिए भविष्य में व्यापार की संभावना बनी हुई है. भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मलेन में भी इस मुद्दे पर बातचीत जारी रहने की संभावना है. प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से द्विपक्षीय मुलाकात की थी.

ब्रिक्स समिट में रिश्ते और मजबूत होने की उम्मीद

ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत अच्छे बताया और कहा कि भारत से दोस्ती ईरान के लिए महत्वपूर्ण है. दोनों देशों के बीच लंबे समय तक चलने वाले ऐतिहासिक संबंध हैं. भारत के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग वाले रिश्ते काफी अच्छे हैं.भारत शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स दोनों का सदस्य है. अब भारतके साथ 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 से 13 सितंबर के बीच मुलाकात होगी, जो भारत की अध्यक्षता में ही नई दिल्ली में होगा.

विज्ञापन

ईरान भारत के साथ और ज्यादा बातचीत करने का इच्छुक है. इसलिए ईरान ब्रिक्स को भारत के साथ पारस्परिक हित के क्षेत्रों पर चर्चा जारी रखने के अवसर के रूप में उपयोग करेगा. ईरान और भारत के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है, जिनमें चाबहार बंदरगाह भी शामिल है, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है. भारत के साथ ईरान के संबंध लगातार विकसित हो रहे हैं और बिश्केक में मोदी-पेजेश्कियान की मुलाकात से रिश्तों को मजबूती मिली है.

भारत के लिए फायदेमंद है चाबहार पोर्ट का इस्तेमाल

बता दें कि चाबहार पोर्ट ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान में ओमान की खाड़ी के तट पर बनी एक बंदरगाह है, जिसके 2 टर्मिनल शहीद कलंतरी और शहीद बहश्ती हैं. यह बंदरगाह पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से करीब 170 किलोमीटर दूर पश्चिम में है. इस पोर्ट के जरिए पाकिस्तान की बाईपास करके भारत सीधे ईरान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापार कर सकता है. चाबहार पोर्ट इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का हिस्सा है, जो भारत को रूस और यूरोप से जोड़ता है.

विज्ञापन

भारत ने इस पोर्ट के शहीद बहश्ती टर्मिनल के विकास और संचालन के लिए ईरान के साथ समझौते किए हैं, लेकिन अमेरिका के प्रतिबंधों और टैरिफ के कारण भारत ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर अपने ऑपरेशंस बंद करने का फैसला लिया है. साल 2024 में दोनों देशों के बीच 10 साल के लिए समझौता हुआ था, लेकिन सितंबर 2025 के अमेरिकी प्रतिबंधों और जनवरी 2026 में 25% टैरिफ के ऐलान के बाद IPGL के डायरेक्टर ने पद से इस्तीफा दे दिया. वेबसाइट बंद की और 120 मिलियन डॉलर चुकाकर अप्रैल 2026 तक खुद को प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर निकाल लिया.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola