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International Yoga Day 2026: भारत की 5000 साल पुरानी योग परंपरा कैसे बनी दुनिया की वेलनेस क्रांति?

भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और मानसिक शांति का प्रतीक बन चुकी है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जानिए कैसे भारत की 5,000 साल पुरानी ये विद्या वैश्विक वेलनेस आंदोलन में बदल गई और करोड़ों लोगों के लाइफ का हिस्सा बन गई.

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Credit: AI

हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. कभी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत मानी जाने वाली 5000 साल पुरानी योग विद्या आज ग्लोबल लेवल पर हेल्थ, मानसिक शांति और बैलैंस लाइफ की वजह बन चुकी है. भारत से शुरू हुई ये परंपरा अब 175 से ज्यादा देशों में लाखों-करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है. योग की जड़ें भारत की हजारों साल पुरानी सभ्यता में मिलती हैं. इसे शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का ज़रिया माना जाता है. संस्कृत शब्द ‘योग’ का अर्थ है जोड़ना या एकता बनाए रखना. समय के साथ योग सिर्फ आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मॉडर्न लाइस्टाइल में हेल्थ और फिटनेस का खास सोर्स बन गया.

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पीएम मोदी ने रखी योग दिवस की नींव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को पहचान दिलाने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था. इसके बाद दिसंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया. इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड संख्या में देशों का समर्थन मिला था. 2015 में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया और तभी से ये दुनिया के सबसे बड़े जनस्वास्थ्य अभियानों में से एक बन चुका है. न्यूयॉर्क, पेरिस, बीजिंग, लंदन और टोक्यो समेत दुनिया के कई बड़े शहरों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. भारतीय दूतावास भी हर साल अलग-अलग देशों में योग कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं.

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क्यों जरूरी है योग?

योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है. नियमित योगाभ्यास से स्ट्रेस कम होता है, फोकस बढ़ता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और हार्ट की हेल्थ में सुधार होता है. हाल के सालों में वैज्ञानिक रिसर्च ने भी योग के स्वास्थ्य फायदों को साबित किया है. साल 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ यानी ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ रखी गई है. इसका मकसद लोगों को लंबा ही नहीं, बल्कि हेल्दी और एक्टिव लाइफ जीने के लिए प्रेरित करना है. आज योग भारत की सांस्कृतिक विरासत से आगे बढ़कर दुनिया की वेलनेस क्रांति का हिस्सा बन चुका है. स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और बेहतर लाइफस्टाइल की तलाश में करोड़ों लोग योग को अपना रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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