NEET Student Srishti Dubey Story: पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक नीट छात्रा के अटूट हौसले और जज्बे की बेहद भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 से ठीक एक हफ्ते पहले यह छात्रा एक भयानक सड़क हादसे का शिकार हो गई थी. इस गंभीर दुर्घटना में उसके शरीर की नौ पसलियां पूरी तरह से टूट गईं और फेफड़ों में भी गंभीर चोट आई. इस नाजुक हालत के बावजूद छात्रा परीक्षा देने के लिए पूरी तरह से अड़ी रही. जब इस बात की जानकारी देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया. शिक्षा मंत्री के विशेष दखल और निर्देशों के बाद रविवार को छात्रा के परीक्षा केंद्र पर बेहद खास इंतजाम किए गए, जिससे वह इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हो सकी.

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सड़क हादसे के बाद वेंटिलेटर पर थी छात्रा

इस बहादुर छात्रा का नाम सृष्टि दुबे है, जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. बीती 14 जून को सृष्टि एक बड़े सड़क हादसे का शिकार हो गई थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए एक बड़ी वैस्कुलर सर्जरी करनी पड़ी थी और उसे कृत्रिम वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था. इस समय वह अस्पताल में धीरे-धीरे रिकवर हो रही है, लेकिन उसकी शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी. इस असहनीय दर्द और फेफड़ों की गंभीर बीमारी के बाद भी सृष्टि का हौसला रत्ती भर भी कम नहीं हुआ. उसने अस्पताल के बेड पर पड़े-पड़े ही यह फैसला कर लिया था कि वह किसी भी कीमत पर इस साल की नीट 2026 परीक्षा को नहीं छोड़ेगी.

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माता-पिता ने शिक्षा मंत्री को भेजा था भावुक संदेश

सृष्टि की इस अटूट इच्छाशक्ति को देखते हुए उसके माता-पिता ने सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से संपर्क साधा और उनसे मदद की गुहार लगाई. मंत्री को भेजे गए अपने संदेश में माता-पिता ने लिखा कि उनकी बेटी के फेफड़ों में गंभीर चोट लगी है और उसकी एक बड़ी सर्जरी हुई है, लेकिन वह नीट परीक्षा में बैठने के लिए पूरी तरह से तैयार है और उसे सरकारी सहयोग की जरूरत है. उन्होंने निवेदन किया कि सृष्टि को पश्चिम बंगाल के ढाकुरिया स्थित विनोदिनी गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर ग्राउंड फ्लोर पर टेबल-कुर्सी दी जाए, उसे अस्पताल के कपड़ों में ही परीक्षा देने की अनुमति मिले और छाती में लगी मेडिकल ड्रेन जैसी मशीनों के साथ बैठने की छूट दी जाए.

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परीक्षा केंद्र पर तैनात रही एम्बुलेंस

सृष्टि के माता-पिता की इस भावुक अपील पर तुरंत एक्शन लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा केंद्र के अधिकारियों को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए. प्रशासन ने परीक्षा केंद्र पर सृष्टि के लिए एक बिल्कुल अलग कमरे का इंतजाम किया, जहां डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक विशेष टीम तैनात की गई. इसके साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए परीक्षा केंद्र के बाहर एक एम्बुलेंस को भी स्टैंडबाय पर रखा गया. इन अभूतपूर्व इंतजामों के बीच सृष्टि ने अपनी परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा किया. सृष्टि के परीक्षा हॉल में बैठते ही उसके माता-पिता ने राहत की सांस ली और शिक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से फोन करके इस संकट की घड़ी में की गई बड़ी मदद के लिए दिल से आभार जताया.

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